रांची: बिहार में डायन-बिसाही के आरोप में आदिवासी परिवार के 5 लोगों को जिंदा जलाने के मामले की जांच के लिए झारखंड कांग्रेस ने अपना एक दल बिहार भेजा है. यह दल बिहार के पूर्णिया में आदिवासी परिवारों पर हुई बर्बरता की जांच करेगी और उसकी रिपोर्ट देगी. झारखंड प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि बंधु तिर्की की अगुवाई वाली टीम में अमूल्य नीरज खलखो, जोसाई मरांडी, राज उरांव और सोमनाथ मुंडा शामिल हैं. सभी सड़क मार्ग से पूर्णिया गये हैं.पूर्णिया से एक साथ 5 आदिवासियों को जिंदा जलाने की घटना का मामला सामने आने के बाद झारखंड प्रदेश कांग्रेस केशव महतो कमलेश ने पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की के नेतृत्व में 5 सदस्यीय दल का गठन किया. यह दल मंगलवार को रांची से पूर्णिया के लिए रवाना हो गया. बिहार के पूर्णिया रवाना होने से पहले बंधु तिर्की ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा, ‘बिहार के पूर्णिया जिले में अंधविश्वास की भयंकर आग में एक ही परिवार के 5 आदिवासी सदस्यों की निर्मम हत्या ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है. डायन-बिसाही जैसे अंधविश्वासी आरोपों के चलते इस तरह की बर्बरता न केवल मानवता पर कलंक है, बल्कि यह आदिवासी समाज की सुरक्षा और सम्मान पर भी सीधा प्रहार है.(नीचे भी पढ़े)
बंधु ने आगे लिखा, इस अमानवीय कृत्य की हम घोर निंदा करते हैं और बिहार सरकार, विशेषकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मांग करते हैं कि इस जघन्य अपराध में शामिल दोषियों को अविलंब गिरफ़्तार कर कठोरतम सज़ा दिलायी जाये. साथ ही यह सुनिश्चित किया जाये कि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो.आदिवासी परिवार के सभी लोगों के साथ मारपीट करने के बाद उनके शरीर पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गयी. फिर घर के पास ही मकई की पराली जलाकर सभी को उसमें जिंदा फेंक दिया गया. सभी की मौत हो जाने के बाद एक ट्रैक्टर से उनके शवों को मृतकों के घर से 2 किलोमीटर दूर जलकुंभी से भरे एक तालाब में फेंक दिया गया. शवों को ठिकाने लगाने के लिए ट्रैक्टर चालक को 40 हजार रुपए दिये गये थे.मृतक बाबूलाल उरांव के छोटे बेटे सोनू (14) ने इस घटना को अपनी आंखों से देखा. वह भागकर अपनी नानी के घर गया और सभी को घटना की जानकारी दी. इसके बाद पूर्णिया की एसपी स्वीटी सहरावत समेत अन्य वरीय पदाधिकारियों ने घटनास्थल की जांच की. इसके बाद मामले का खुलासा हुआ.



