
बोकारो : राज्य सरकार द्वारा भोजपुरी, मगही और अंगिका को क्षेत्रीय भाषा में शामिल किये जाने के विरोध में बोकारो में विरोध-प्रदर्शन किया जा रहा है. इस दौरान प्रदर्शनकारी मानव श्रृंखला बनाकर विरोध प्रदर्शन कर रहे है. भाषा विरोधी मानव श्रृंखला बोकारो के नगेन मोड़ बंगाल बॉर्डर से बिनोद बिहारी चौक धनबाद तक बनायी गई है. यह श्रृंखला सुबह 10.30 बजे बननी शुरू हुई जो 2.30 बजे तक रही. इस मानव श्रृंखला में भाषा संघर्ष समिति के लोग हाथों में तख्तियां लेकर मगही और भोजपुरी को धनबाद और बोकारो जिले में शामिल करने का विरोध कर रहे थे. दरअसल बीते दिनों राज्य सरकार की ओर से नियोजन नीति को लागू किया गया है. इसके अनुसार अभ्यार्थी को राज्य में मौट्रिक और इंटर की पढ़ाई करने के साथ साथ जनजातीय और क्षेत्रीय भाषा का ज्ञान होना भी जरूरी बताया गया है. सरकार ने राज्य में जिलास्तरीय पदों के लिए जनजाति और क्षेत्रीय भाषाओं की सूची जारी की है. बोकारो और धनबाद में भोजपुरी और मगही को शामिल किया गया है. सरकार की नई नियोजन नीति के अनुसार भोजपुरी और मगही भाषा को बोकारो और धनबाद जिले में क्षेत्रीय भाषा के रूप में शामिल किया गया है. इन दोनों भाषाओं को शामिल किये जाने के बाद से छोटे-छोटे स्तर पर आंदोलन होने लगे हैं.






