
राजनगर : सरायकेला-खरसावां जिला के राजनगर प्रखंड के चांगुआ गांव की अद्भुत घटना की खबर का असर रविवार को देखने को मिला। दर-दर भटकता गुमशुदा युवक चांगुआ गांव के ग्रामीणों के प्रयास से अपने परिवार से मिल गया। बिहार के सहरसा जिले के रहने वाले युवक के मामा मिथिलेश कुमार यादव व ममेरा भाई अभिमन्यु कुमार चांगुआ गांव पहुंचे और अपने साथ अपने घर लेकर चले गए। बता दें कि पिछले दिनों मीडिया के माध्यम से खबर को प्रकाशित किया गया था कि कि बिहार से भटकता गुमशुदा युवक राजनगर के चांगुआ गांव में घूम रहा था। वहीं गांव के पातु महतो, जिन्होंने पांच वर्ष पहले अपने बड़े बेटे पंकज महतो को खो दिया था, गुरुवार की रात्रि अपने मृत बेटे के हमशक्ल को अपना बेटा मान कर उसे अपने घर ले आये थे। उस युवक को अपने साथ रखकर उसकी काफी देखभाल की। भोजन करवाया, अच्छे कपड़े दिए एवं उसे पूरी तरह सुरक्षित रखा था। जब उस युवक ने अपने बारे बताया तब पूरे मामले का खुलासा हो गया। (नीचे भी पढ़ें)
उसके बाद ग्रामीणों ने उसे सुरक्षित राजनगर थाना में सौंप दिया। ताकि वह फिर यहां-वहां न भटके। वहीं रविवार की सुबह उस गुमशुदा युवक के परिजन बिहार के सहरसा जिले से उसे लेने राजनगर थाना पहुंचे और लिखित आधार पर राजनगर पुलिस ने उस युवक को उसके परिजनों के हाथों सुरक्षित सौंप दिया। रविवार सुबह थाना से निकलने के बाद उसके परिजन उस परिवार से मिलने उसके घर पहुंचे, जिनके प्रयास से युवक अपने परिजनों से मिल पाया। वहीं परिजनों ने चांगुआ गांव पहुंच पातु महतो एवं ग्रामीणों का धन्यवाद व आभार प्रकट किया। युवक के मामा ने बताया कि वह पिछले 6 महीने से अपने घर से लापता हो चुका था और उसे परिजन अपने स्तर से तलाश रहे थे, परंतु कोई पता नहीं लग पाया था। वहीं मीडिया के माध्यम से बिछड़े को परिवार से मिलाने के कार्य की सराहना करते हुए उन्होंने मीडिया का भी आभार जताया।





