कोलकाता : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की श्री अधिकारी के सीएम की कुर्सी संभालने से कुछ दिन पूर्व हुई हत्या के मामले की जांच कर रही सीबीआइ ने बारासात सीजेएम की अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सीबीआइ की चार्जशीट में चौंकानेवाले तथ्य उभर कर सामने आए हैं. बताया गया कि चार्जशीट के अनुसार चंद्रनाथ रथ की हत्या उसके पहले छह महीने से चल रही एक साजिश का परिणाम थी, जिसमें चंद्रनाथ रथ का 29 साल का असिस्टेंट सागर सोनकर भी शामिल था. बताया गया कि सीबीआइ ने आइ क्लाउड पर एक फोटो के साथ ही डिजिटल सबूतों का प्रयोग कर, सीसीटीवी फुटेज, रोड टोल और कई फोन (जनमें हुगली नदी के नीचे से मिला एक फोन भी शामिल है) के बीच की कड़ियों को जोड़कर इस साजिश का पर्दाफाश किया है. सीबीआइ द्वारा बारासात सीजेएम कोर्ट में दाखिल की गई चार्जशीट में बताया गया है कि जिस आदमी ने कथित तौर पर तार खींचे थे, वह चंद्रनाथ रथ का 29 वर्षीय असिस्टेंट सागर सोनकर था. (नीचे भी पढ़ें)
बताते चलें कि चंद्रनाथ रथ की विगत 6 मई को रात 10 बजे के करीब उनकी गाड़ी के अंदर ही गोली मार कर हत्या कर दी गई थी. उनके साथी बुद्धदे बेरा भी इस हमले में जख्मी हो गए थे. जानकारी के अनुसार सीबीआइ की चार्जशीट में कुल 12 लोगों के नाम शामिल हैं, जिनमें बिहार के कृष्ण कुमार सिंह को छोड़ कर बाकी सभी गिरफ्तार हो चुके हैं. गिरफ्तार लोगों में सागर और उसका भाई साहेब सोनकर भी शामिल हैं. इनके अलावा गिरफ्तार लोगों में उत्तर प्रदेश का विकास मिश्रा, विनय राय, संजय राय, ज्ञानेंद्र सिंह, राजकुमार सिंह, गोलू सिंह और नवीन कुमार सिंह तथा बिहार के मयंक राज मिश्रा एवं विक्की मौर्य भी शामिल हैं. (नीचे भी पढ़ें)
चार्जशीट में गवाह के तौर पर 585 लोगों के नाम दर्ज हैं. सागर एवं उसके भाई साहेब को विगत 31 जुलाई को पकड़ा गया था. सीबीआइ ने कथित रूप से चार शार्प शूटरों समेत 11 लोगों को हिरासत में लेने के दो महीने से ज्यादा सामान बाद उन्हें गिरफ्तार किया था. हालांकि दोनों के माता-पिता ने यह कहते हुए वारदात में उनकी संलिप्तता से इनकार किया था कि दोनों ने न सिर्फ चंद्रनाथ रथ, बल्कि स्वयं श्री अधिकारी के साथ भी उनके पर्सनल ऑफिस में मिल कर काम किया था और चुनाव के दौरान श्री अधिकारी की भवानीपुर विधानसभा सीट पर सक्रिय भूमिका निभाई थी. एक संबंधी ने बताया कि सागर चंद्रनाथ रथ की परछाईं की तरह था. वह फिनांशियल ट्रांजैक्शन का काम देखता था, पेमेंट भी संभालता था. बाद में वह अपने भाई साहेब को भी साथ ले गया और उसे भी चंद्रनाथ ने नौकरी पर रख लिया. (नीचे भी पढ़ें)
सीबीआइ जांच के मुताबिक सागर कथित तौर पर चंद्रनाथ रथ से नाराज हो गया था, क्योंकि वह खुद को उसके बराबर समझता था और मानता था कि उसे रास्ते से हटाना ही शुभेंदु अधिकारी के करीब आने का एकमात्र तरीका है. जांच में पता चला कि नवंबर, 2025 में किसी समय उसने कथित तौर पर दूसरे लोगों के नाम पर फोन और सिम कार्ड खरीदने के लिए अपने भाई साहेब को शामिल किया. इतना ही नहीं, बाद में वह अपने स्कूल के दोस्त विकास मिश्रा को भी लाया जो विनय राय को जानता था. सीबीआइ के अनुसार व्हाट्सएप्प कॉल रिकॉर्ड से पता चला है कि सागर और विकास मिश्रा, जो देवरिया के सलेमपुर का निवासी है, वह विगत 20 जनवरी, ’26 से लगातार संपर्क में थे. दोनों कथित तौर पर कॉन्ट्रैकट किलर को हायर करने के इरादे से एक साथ आए थे.







