चाकुलिया : बहरागोड़ा विधानसभा क्षेत्रीय कांग्रेस युवा मोर्चा के अध्यक्ष विक्रम सिंह चौहान ने जिला कोषागार पदाधिकारी को एक ज्ञापन सौंप कर जुगसलाई के कार्यपालक पदाधिकारी सह चाकुलिया नगर पंचायत के प्रभारी कार्यपालक पदाधिकारी जगदीश प्रसाद यादव का सभी प्रकार का भुगतान, जैसे वेतन एवं सेवा निवृत्ति के उपरांत मिलनेवाले पेंशन, ग्रेच्युटी आदि का भुगतान रोकने की मांग की है. (नीचे भी पढ़ें)
कोषागार पदाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में उन्होंने विक्रम ने कहा है कि जुगसलाई के विशेष पदाधिकारी सह चाकुलिया नगर पंचायत के प्रभारी कार्यपालक पदाधिकारी पद पर कार्यरत जगदीश प्रसाद यादव ने विगत वर्षों में अपने चहेते संवेदकों से मिलीभगत कर उन्हें कार्य से अधिक का भुगतान कराया है. चाकुलिया नगर पंचायत के वार्ड -04 में बने खेल मैदान में प्राक्कलन से कम काम होने के वावजूद संवेदक को पूरा भुगतान करने की स्वीकृति प्रदान कर दी गयी है. वहीं उन्होंने पीसीसी सड़क का निर्माण करने वाले संवेदकों के अग्रधन का भुगतान समय से पूर्व कराने के उद्देश्य से 5 वर्ष की गारंटी पूरी होने से पहले ही सड़क के ऊपर कालीकरण का काम कराया गया है, जिससे साफ है कि जुगसलाई के विशेष पदाधिकारी सह चाकुलिया नगर पंचायत के प्रभारी कार्यपालक पदाधिकारी पद पर कार्यरत जगदीश प्रसाद यादव संवेदकों से मिलकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं. विक्रम ने ऐसे कई और मामलों से संबंधित सबूत उनके पास मौजूद होने एवं जरूरत पड़ने पर उन्हें विभाग को उपलब्ध कराने की बात भी कही है. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने कोषागार पदाधिकारी से मामले पर संज्ञान लेते हुए जगदीश प्रसाद यादव के सभी भुगतानों पर रोक लगाते हुए उनके विरुद्ध जांच कमिटी गठित कर कानूनी कार्रवाई किये जाने की मांग करते हुए विभाग द्वारा कृत कार्रवाई की सूचना देने का आग्रह भी किया है. विक्रम ने कहा है कि पूर्ण सबूत होने के बाद भी अगर विभाग द्वारा कठोर कार्रवाई नहीं की जाती तो वे न्यायालय की शरण लेने को बाध्य होंगे. (नीचे भी पढ़ें)
प्राक्कलन के अनुसार ही हुए सारे विकास कार्य – जेपी यादव
उधर दूसरी ओर कार्यपालक पदाधिकारी जेपी यादव ने इस संबंध में दूरभाष पर बताया कि चाकुलिया नगर पंचायत क्षेत्र में जो भी विकास कार्य हुए हैं वे सभी प्राक्कलन के मुताबिक हुए हैं. उन्होंने कहा कि योजना का चयन करना उनकी मर्जी से नहीं बल्कि बोर्ड की बैठक में होता है. बोर्ड की बैठक में प्रस्तावित योजना का ही विभाग द्वारा टेंडर कराया जाता है. उन्होंने कहा कि नगर पंचायत क्षेत्र में कहीं भी किसी भी योजना में उनकी कोई मिलीभगत नहीं है. उनपर लगाये गए आरोप निराधार हैं.











