
राजन सिंह
चाकुलिया : चाकुलिया प्रखंड की बर्डीकानपुर-कालापाथर पंचायत के पहाड़ पर बसा गांव जोभी गांव के सबर परिवार के समक्ष इन दिनों परिवार का भरण-पोषण करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. गांव में 12 सबर परिवार हैं. कोनिका सबर का लाल कार्ड है और लाल कार्ड पर परिवार को प्रत्येक व्यक्ति को 5 किलो के हिसाब से चावल मिलता है. सबरों ने बताया कि लाकडाउन होने से उनके समक्ष आर्थिक समस्या उत्पन्न हो गई है. सबरों ने कहा कि लाकडाउन के पूर्व वे सभी जंगल से लकड़ी लाकर बाजार में बेचकर रुपये कमाते थे, जिससे उनका गुजारा हो जाता था. परंतु लाकडाउन होने से वे जंगल भी नही जा पा रहे हैं और बाहर उन्हें काम भी नहीं मिल रहा है. ऐसे मे उनके समक्ष भुखमरी कि स्थिति उत्पन्न हो गई है.
कोनिका सबर का परिवार लाकडाउन में जंगली आलू खाने पर है विवश
कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण सरकार ने लाकडाउन की घोषणा की है. लाकडाउन होने से सबरों को काम नहीं मिल रहा है. कोनिका सबर के परिवार का अनत्योदय कार्ड नहीं बना है. उसके परिवार में 14 सदस्य है. प्रत्येक व्यक्ति 5 किलो कर दो माह का 40 किलो चावल मिला है. मार्च माह का चावल नही मिला है. ऐसे में 14 परिवार का 40 किलो चावल में गुजारा करना संभव नहीं है. कोनिका सबर ने बताया कि वे जंगल से (चुड़का आलू) जंगली आलू लाकर उसे पका कर खा रहे हैं. जंगल से लकड़ी लाकर बाजार में बेचकर भरण-पोषण करने वाले इस परिवार को 20 दिनों से न तो कोई काम मिला है और न ही लकड़ियां बेचने बाजार जाने को मिल रहा है.
मार्च माह का चावल डीलर को बांटने का दिया है आदेश : सीओ
सूचना पाकर सीओ सह प्रभारी एमओ अरविंद ओझा ने जोभी गांव जाकर मामले की जानकारी ली. गांव के ग्रामीणों ने सीओ से शिकायत की है कि गांव के ग्रामीणों को मार्च माह का चावल डीलर द्वारा वितरण नहीं किया गया है. ग्रामीणों की शिकायत पर सीओ ने संबंधित डीलर से दूरभाष पर बातकर लोगों के बीत मार्च माह का चावल वितरण करने का आदेश दिया है. सीओ ने कहा कि डीलर द्वारा चावल का वितरण नहीं किया गया, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. सीओ ने कहा कि गांव के जरूरतमंद लोगों के बीच 10 किलो कर चावल का जल्द वितरण किया जाएगा.








