नई दिल्ली : चंद्रयान-3 का चांद की सतह पर मौजूद चंद्रयान-2 ने स्वागत किया है. दोनों अंतरिक्ष यानों के बीच संपर्क स्थापित हो चुका है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने इस संबंध में ट्वीट कर जानकारी दी है. चंद्रयान-3 के चांद की सतह पर उतरने में अब महज 48 घंटे का समय बाकी है. इसरो ने चंद्रयान-3 को चांद की धरती पर सुरक्षित उतारने की सारी तैयारियां कर ली हैं. (नीचे भी पढ़ें)
इसरो ने ट्वीट कर बताया है कि चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर ने चंद्रयान-3 के लैंडर मॉड्यूल का स्वागत किया है. इसरो ने बताया कि दोनों के बीच टू-वे कम्युनिकेशन स्थापित हो गया है. इसरो ने कहा कि अब बेंगलुरु स्थित मिशन ऑपरेशंस कॉम्प्लेक्स (एमओएक्स) के पास अब लैंडर मॉड्यूल, यानी विक्रम से बात करने के कई रास्ते हो गए हैं.(नीचे भी पढ़ें)
इससे पहले सुबह में इसरो ने चंद्रयान से ली गई चांद के सतह की कुछ तस्वीरें भी ट्वीट की थीं. इसरो ने बताया कि लैंडर विक्रम में लगा कैमरा चांद पर किसी सुरक्षित जगह की तलाश कर रहा है जहां वह सर्तकता पूर्वक सुरक्षित उतर सके. चंद्रयान-3 चांद के दक्षिण ध्रुव पर उतरेगा. अभी वह चांद के 25 किलोमीटर ऊपर चक्कर काट रहा है.(नीचे भी पढ़ें)
बताते चलें कि चंद्रयान-3 को आगामी 23 अगस्त को भारतीय समय के अनुसार शाम 6:04 बजे लैंडर विक्रम चांद की सतह पर उतरेगा. इसरो के वैज्ञानिकों की टीम ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है. चंद्रयान की लैंडिंग से जुड़ी सारी जानकारी इसरो ट्वीट और लाइव विडियो के जरिए देगा. इसरो ने ट्वीट कर इसकी भी जानकारी दी है.












