
जमशेदपुर : टाटा स्टील समेत देश के सारे निजी सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों के रिटायरमेंट के बाद इंप्लाइज पेंशन स्कीम (इपीएस) के तहत 50 फीसदी पेंशन देने की मांग को लेकर दायर याचिका पर 11 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई निर्धारित की गयी है. 11 अगस्त देश भर के मजदूरों के लिए अहम होगा. वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कोर्ट नंबर 3 के जस्टिस उदय उमेश ललित और जस्टिस अजय रस्तोगी की अदालत में यह अहम सुनवाई होगी. इस मामले में 63 याचिका दायर है, जिसमें टाटा स्टील की अधीकृत यूनियन टाटा वर्कर्स यूनियन भी याचिकाकर्ता है. इपीएस 95 के तहत कर्मचारियों के वेतन से प्रतिमाह पेंशन मद में 8.33 फीसदी की राशि कटौती कर सरकार के पीएप में जमा दिया जाता है. इसके बदले में सरकार अब न्यूनतम एक हजार रुपये और अधिकतम पांच हजार रुपये मासिक कर्मचारियों को सेवानिवृति के बाद पेंशन देती है. वहीं, यूनियन चाहती है कि सरकार पेंशन की राशि बढ़ाकर दें. यूनियन सेवानिवृत के दिन कर्मचारी के अंतिम बेसिक और डीए का 50 फीसदी पेंशन चाहती है. इस मामले में यूनियन ने पीएफ कमीश्नर को भी पत्र लिखा था. याचिका में पीएफ कमीश्नर के पत्र को भी संलग्न किया गया है. टाटा वर्कर्स यूनियन से पहले कई यूनियनों ने भी इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में केस किया है. सभी याचिका पर सुनवाई एक साथ ही होगी.






