
आदित्यपुर: सरायकेला- खरसावां जिले के गम्हरिया स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार को नवजात की मौत के बाद परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर बवाल काटा. उधर अस्पताल प्रशासन की ओर से किसी लापरवाही से सीधे तौर पर इंकार किया गया. बताया जाता है, कि कांड्रा निवासी अमित कुमार पाल अपनी पत्नी को प्रसव पीड़ा होने के बाद मंगलवार देर रात यहां प्रसव कराने पहुंचा था. जहां बच्चे का जन्म भी हुआ, लेकिन उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई थी. अस्पताल प्रशासन की ओर से बच्चे को एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया गया. जहां एमजीएम अस्पताल ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया.

इधर बुधवार को परिजनों एवं स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया. परिजनों का आरोप था, कि बच्चा मरा हुआ ही पैदा हुआ था, और अस्पताल में उस वक्त कोई भी लेडी डॉक्टर मौजूद नहीं थी. जबकि अस्पताल प्रभारी ने इसे सिरे से खारिज करते हुए बताया, कि यहां हर महीने डेढ़ से दो सौ बच्चे का जन्म होता है, एकआध के साथ दुर्भाग्यवश ऐसी घटना हो जाती है. इसके लिए पूरे सिस्टम को दोषी ठहराना कहीं से भी जायज नहीं है. वहीं अस्पताल प्रभारी ने बताया कि महिला का शुरू से यहां इलाज चल रहा था लेकिन कभी भी परिजनों द्वारा महिला का समुचित जांच नहीं कराया गया, इसके लिए जिम्मेवार कौन है. उन्होंने बताया कि बच्चा पूरी तरह स्वस्थ और जीवित पैदा हुआ था, उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, जिसके बाद उसे एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया गया था. घंटों आरोप-प्रत्यारोप के बाद मामला शांत कराया गया.











