चाकुलिया : चाकुलिया प्रखंड की मटियाबांधी पंचायत के गंगा गांव के पास मंगलवार को गोटाशिला पहाड़ की पूजा धूमधाम से हुई. पहाड़ पूजा करने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी. पूजा-अर्चना कर श्रद्धालुओं ने अच्छी बारिश और खुशहाली की कामना की. (नीचे भी पढ़ें)

बताते चलें कि गोटाशिला पहाड़ की पूजा में आसपास के 40 मौजों के ग्रामीण शामिल होते हैं. ग्रामीणों ने बताया कि सौ-डेढ़ सौ साल पूर्व से ही स्थानीय लोग अच्छी बारिश एवं खुशहाली के लिए गोटाशिला पहाड़ की पूजा करते आ रहे हैं. लोगों का मानना है कि गोटाशिला पहाड़ की पूजा करने से अच्छी बारिश होती है और क्षेत्र में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है. पूजा के अवसर पर बारिश होना तय माना जाता है और आज पूजा के अवसर पर दिन भर बारिश होती रही. बारिश होने से क्षेत्र के लोगों में हर्ष का माहौल है. पुजारी सुदेव चंद्र घोषाल, सुमंत घोषाल, विश्वजीत घोषाल, इंद्रजीत घोषाल और श्यामल घोषाल ने मंदिर में मंत्रोच्चार के साथ ग्रामीणों की पूजा संपन्न कराई. बता दें कि गोटाशिला पहाड़ की पूजा करने के लिए पश्चिम बंगाल और ओडिशा के श्रद्धालु भी पहुंचते हैं. अनेक श्रद्धालु मन्नत पूरी होने के बाद बकरे की बलि भी चढ़ाते हैं. (नीचे भी पढ़ें)
गोटाशिला बाबा की पूजा करने के लिए श्रद्धालु गंगा से ढेड़ किमी पैदल चल कर मंदिर पहुंचते हैं. गंगा के पास मेले का आयोजन भी हुआ. शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की भी तैनाती की गई थे. पहाड़ पूजा के अवसर पर घाघरा गांव में डांस धमाका का भी आयोजन हुआ. शाम से शुरू हुए डांस धमाके का लोगों ने खूब लुफ्त उठाया. विजयी प्रतिभागियों को बुधवार की सुबह कमेटी की ओर से पुरस्कृत किया जाएगा. पूजा को सफल बनाने में पंचायत के मुखिया जादू हेंब्रम, 40 मौजा के ग्राम प्रधान मणींद्र नाथ महतो, दुखु मुर्मू, रामसाय मांडी, फागू किस्कू, सालखन मुर्मू, ठाकुर दास हेंब्रम, गोरा लाल सोरेन, रामराय किस्कू, जगत किस्कू समेत अन्य लोग जुटे हुए थे. (नीचे भी पढ़ें)
पूजा करने के पश्चात ग्रामीण पहाड़ चढ़कर प्राकृतिक सौंदर्य का लूफ्त उठाया
गोटाशिला पहाड़ पूजा करने पहुंचे ग्रामीण मंदिर में भगवान शिव की पूजा कर कच्ची और पथरीली सड़क से पैदल चलकर पहाड़ चढ़े और यहां के प्राकृतिक सौंदर्य का लुत्फ उठाया. बड़ी संख्या में महिला, पुरुषों एवं बच्चों ने पहाड़ के ऊपर पहुंच कर यहां की हरी-भरी पहाड़ी वादियों का आनंद लिया. लोगों ने मंदिर परिसर में लगे मेले का भी लुत्फ उठाया. मेले में विभिन्न प्रकार की दुकानें लगी थीं, जिनमें लोगों ने जमकर खरीदारी की.



