जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिला (जमशेदपुर) में आदि कर्मयोगी अभियान के तहत 17 सितंबर से 02 अक्टूबर तक संचालित आदि सेवा पर्व सम्पन्न हुआ. इस दौरान 399 जनजातीय गांवों में ग्राम सभा आयोजित कर विजन 2030 के तहत ग्रामीण आजीविका, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, स्वच्छता, पोषण और किसान कल्याण जैसी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई एवं ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी दी गई. उपस्थित अधिकारियों ने योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया के बारे में भी ग्रामीणों को बताया तथा विकास कार्यों की समीक्षा भी की गई. ग्रामीणों को उनकी सहभागिता से विकास को गति देने का संदेश दिया गया. (नीचे भी पढ़ें)

इस कार्यक्रम का उद्देश्य पंचायत स्तर पर जन-जागरूकता, पारदर्शिता एवं ग्राम विकास की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना है. इस अवसर पर ग्रामीणों की समस्याओं और सुझावों को भी सुना गया, जिसमें ग्रामीणों की समस्याओं और विकास योजनाओं पर चर्चा की गई. उप विकास आयुक्त सह परियोजना निदेशक आइटीडीए नागेन्द्र पासवान ने बताया कि तैयार किए गए विलेज एक्शन प्लान को और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं. इन ग्राम सभाओं में कई महत्वपूर्ण योजनाओं का चयन किया गया है, जिन्हें अब ब्लॉक एक्शन प्लान और तत्पश्चात जिला स्तरीय योजना में शामिल कर आगे बढ़ाया जाएगा. (नीचे भी पढ़ें)

उन्होंने कहा कि यह अभियान जिले में अनेक स्थानों पर मील का पत्थर साबित हो रहा है. ग्रामीण स्तर पर फोकस ग्रुप डिस्कशन एवं सामुदायिक चर्चाओं के माध्यम से आदिवासी बहुल क्षेत्रों में नई जागरूकता आई है. लोग अपने अधिकारों को लेकर जागरूक हो रहे हैं. उन्होने जिलावासियों से अपील करते हुए कहा कि आइए, हम सब मिलकर इस अभियान को जन आंदोलन बनाएं और स्वयं भी आदि कर्मयोगी, आदि साथी एवं आदि सहयोगी के रूप में सक्रिय भागीदारी निभाएं.



