
जमशेदपुर : जमशेदपुर के परसुडीह स्थित खासमहल सदर अस्पताल के पीछे सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती दिखाई है. इस मामले में अंचल निरीक्षक बलवंत सिंह के बयान पर जमीन कब्जा करने वालों के खिलाफ परसुडीह थाना में मामला दर्ज कराया गया है. इसमें झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) की महिला मोर्चा जिला उपाध्यक्ष सह पंचायत प्रतिनिधि द्रौपदी मुंडा का नाम सबसे पहले है. इस मामले में जेएमएम नेत्री द्रौपदी मुंडा, मनोज मुर्मू, पप्पू उपाध्याय, संजय बारला, योगेंद्र राव, सुमित्रा सांडिल, मैनुल के अलावा 250-300 अज्ञात लोगों के खिलाफ आरोप लगया गया है. वहीं अब प्रशासन के लिए ग्रामीणों को सरकारी जमीन पर कब्जा करने से रोकना एक टेढ़ी खीर साबित हो रहा है. सोमवार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिए जाने के बाद भी जब जमीन कब्जा मुक्त नहीं हुई तब प्रशासन ने मंगलवार को कार्रवाई करते हुए जमीन को कब्जा मुक्त कराया. थोड़ी देर बाद ही ग्रामीणों ने फिर से जमीन पर कब्जा कर लिया. वहीं बुधवार को ग्रामीणों ने जमीन पर तिरपाल लगाकर कब्जा जमा लिया है और उसी जगह खाना बनाना शुरू कर दिया है. बताया जाता है कि अचानक इस जमीन अतिक्रमण के पीछे कई राज छुपे हैं. आपको बता दें कि जहां जमीन अतिक्रमण की जा रही है, उसके ठीक सामने ही क्षेत्र के विधायक द्वारा अस्थाई कार्यालय खोला गया है. इधर नए सीओ अमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि फिलहाल सभी पर नामजद प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है. जहां तक बात जमीन पर कब्जा करने की है तो वह जमीन सरकारी है, किसी भी हाल में सरकारी जमीन पर कब्जा नहीं होने देंगे. उन्होंने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी है उसे सजा जरूर दिलाई जाएगी.















