
जमशेदपुर : जमशेदपुर में अल्ट्रासाउंड सेंटर के संचालकों पर जिला प्रशासन नकेल कसने जा रही है. इसको लेकर जमशेदपुर के उपायुक्त रविशंकर शुक्ला ने सिविल सर्जन को एक्शन लेते हुए जांच करें और फिर अगर जरूरत हो तो अल्ट्रासाउंड सेंटर का संचालन का लाइसेंस दें नहीं तो नहीं दें. ऐसे लोग जो गैर लाइसेंसी होकर भी अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित कर रहे है, वैसे लोगों को सीधे जेल भेजने को कहा गया है. जमशेदपुर समाहरणालय सभागार में सोमवार को उपायुक्त रविशंकर शुक्ला की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक हुई. इस क्रम में मिशन इन्द्रधनुष, स्पर्श एवं पीसीपीएनडीटी की समीक्षा की गई एवं उपायुक्त द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया. मिशन इन्द्रधनुष के सफल कार्यान्वयन को लेकर उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई जिला टास्क फोर्स की बैठक में शत प्रतिशत बच्चो के टीकाकरण लक्ष्य को प्राप्त करने का निदेश दिया गया. उपायुक्त ने कहा कि जिन भी बच्चों का टीकाकरण किसी कारणवश अभी तक नहीं हुआ है उनका टीकाकरण करना सुनिश्चित करें. सी बच्चे का जन्म घर में हुआ हो या जिले से बाहर हुआ हो, ऐसे बच्चों का सर्वे सभी प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को एएनएम, स्वास्थ्य सहिया के माध्यम कराने का निर्देश दिया गया. बीपीएम, बीएएम को स्वास्थ्य सहिया के साथ नियमित रूप से सप्ताह में एक बार बैठक करने को कहा गया ताकि बच्चों के टीकाकरण की वस्तुस्थिति के बारे में ज्ञात हो सके. उपायुक्त ने कहा कि ये जरूरी है कि हर बच्चे को बुनियादी प्रतिरक्षण उपलब्ध हो. स्पर्श के तहत 30 जनवरी से 13 फरवरी तक जागरूकता अभियान चलाया जाना है. कुष्ठ रोगियों के प्रति समाज में जागरूकता लाने हेतु विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन का निदेश उपायुक्त ने दिए. उपायुक्त ने कहा कि जिले के कुल 12 कुष्ठ आश्रमों में रह रहे लोगों के बीच प्रतियोगिता का आयोजन कर जागरूकता कार्यक्रम चलायें. उन्होने कहा कि कुष्ठ पीड़ित लोगों के बच्चों के बीच पेंटिग, चित्रकला आदि प्रतियोगिता आयोजित करें। कुष्ठ रोगियों के बीच पौधारोपण, गांधी दर्शन पर आधारित नाटक आयोजित करें. कुष्ठ रोगियों की पहचान कर जागरूकता हेतु सर्वे कराने का निदेश उपायुक्त ने दिए। कुष्ठ रोग के प्रति जनजागरूकता हेतु ग्राम सभा करने एवं इससे पंचायत के बुद्धिजीवी वर्ग, सामाजिक कार्यकर्ता को जोड़ने को कहा गया. उपायुक्त द्वारा सभी अल्ट्रासाउंड सेन्टर का जांच कर पंजीकरण नवीकरण का निर्देश दिया गया. इस हेतु कार्यपालक दंडाधिकारी, धालभूम के नेतृत्व में चिकित्सकों की एक टीम गठित करने का निदेश सिविल सर्जन को दिया गया. वैसे अल्ट्रासाउंड सेन्टर जो नियमानुसार संचालित नहीं किए जा रहे हैं उन पर विधिसम्मत कार्रवाई हेतु निदेशित किया गया. उपायुक्त द्वारा सभी हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर में एक महीने के भीतर डिलीवरी शुरू कराने का निदेश दिया गया। साथ ही आदिम जनजाति, जनजाति के लोगों के बीच बच्चों के टीकाकरण के प्रति व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने का निदेश दिया गया. बैठक में सिविल सर्जन डॉ महेश्वर प्रसाद, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार, कार्यपालक दंडाधिकारी, धालभूम सविता टोपनो, चिकित्सक, डीपीसी, प्रभारी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी, बीएएम तथा अन्य उपस्थित थे.







