जमशेदपुर: जमशेदपुर के बागबेड़ा थाना अंतर्गत बड़ौदा घाट में शनिवार की शाम नहाने के दौरान डूबे दो दोस्तों के शव रविवार सुबह बरामद कर लिया गया. इसके बाद पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम अस्पताल भेज दिया है. घटना के संबंध में बताया जाता कि शनिवार को तीन दोस्त शुभम कुमार, शशांक और पार्थ कुमार बड़ौगा नदी घाट पर नहाने के लिए पहुंचे थे. गहरे पानी में जाने के कारण शुभम और शशांक डूब गए, जबकि पार्थ को स्थानीय लोगों की सतर्कता से समय रहते बचा लिया गया. सूचना मिलते ही बागबेड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और एनडीआरएफ की टीम को तलाशी अभियान के लिए बुलाया गया. शनिवार शाम से ही तलाशी अभियान जारी रहा, जो रविवार सुबह उस समय सफल हुआ. जब स्थानीय गोताखोरों की मदद से दोनों शवों को पानी से बाहर निकाला गया.(नीचे भी पढ़े)

शवों की पहचान शुभम कुमार और शशांक के रूप में की गई है.पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया है. बागबेड़ा थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला दुर्घटना प्रतीत हो रहा है, लेकिन सभी संभावित पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है.(नीचे भी पढ़े)

घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है. शुभम और शशांक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. मोहल्ले के लोगों में शोक और आक्रोश व्याप्त हैं. परिजनों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे खतरनाक घाटों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं तथा नहाने पर पूर्णतः रोक लगाई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.घटनास्थल पर मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि घाट पर सुरक्षा के कोई भी पुख्ता इंतजाम नहीं हैं. यहां कोई चेतावनी बोर्ड नहीं है, ना ही कोई सुरक्षा गार्ड. (नीचे भी पढ़े)

हर साल गर्मियों में ऐसे हादसे होते हैं, लेकिन प्रशासन केवल कागज़ों पर सक्रिय दिखता है.बागबेड़ा थाना प्रभारी ने बताया घटना अत्यंत दुखद है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तीनों युवक नहाने के उद्देश्य से घाट पर आए थे. पानी की गहराई का अंदाजा न लगने के कारण दो युवक डूब गए. मामले की गहनता से जांच की जा रही है.




