जमशेदपुर: सिंहभूम जिला भोजपुरी साहित्य परिषद् के बैनर तले जमशेदपुर के सभी भोजपुरी संस्थाओं की आपात बैठक गोलमुरी स्थित भोजपुरी भवन में भोजपुरी साहित्य परिषद के अध्यक्ष अरविंद विद्रोही की अध्यक्षता में आयोजित की गई. इस बैठक में राज्य सरकार के द्वारा शिक्षक पात्रता परीक्षा के स्थानीय भाषा भोजपुरी, मगही, मैथिली और अंगिका को हटाने के विरोध में आपत्ति जतायी गयी. इस दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि झारखंड सरकार का यह आदेश हम भोजपुरी मगही मैथिली अंगिका भाषियों के साथ सरासर अन्याय है.(नीचे भी पढ़े)
इस संदर्भ में सर्वसमिति से निर्णय हुआ की 16 जून को उपायुक्त कार्यालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर भोजपुरी समाज अपना विरोध प्रकट करेगा और उनसे आग्रह भी करेगा कि हम भोजपुरिया भी राज्य के एक सम्मानित नागरिक हैं और हमें भी झारखंड राज्य में वह संपूर्ण अधिकार मिले जो अन्य नागरिकों को है. साथ ही यह भी निर्णय हुआ कि अगर हमारी मांग को पूरा नहीं किया गया तो हमें विवश होकर न्यायालय के शरण में जाना होगा. बैठक में प्रदीप सिंह, अप्पू तिवारी, मिथिलेश प्रसाद श्रीवास्तव ,मुन्ना चौबे, जगदीश मिश्रा, सागर राय, वीर कुमार सिंह ,रामेश्वर कुमार, अरुण शुक्ला, राजेश कुमार, उमेश प्रसाद, जयप्रकाश सिंह, ऋषभ सिंह, अमित सिंह, संदीप सिंह ,श्याम जी तिवारी, दीपक सिंह, अनिकेत केसरी एवं आशीष उपस्थित थे.



