जमशेदपुर : जमशेदपुर के कदमा स्थित कामिनी गोराई चिकित्सालय में गुरुवार को एक महिला मरीज की मौत के बाद परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया. मृतका की पहचान सोनारी निवासी 40 वर्षीय अर्चना सिंह के रूप में हुई है. जानकारी के अनुसार, अर्चना सिंह को गॉल ब्लैडर में पथरी की समस्या थी. सर्जरी के लिए उन्हें गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था. परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन की तैयारी के दौरान बेहोशी का इंजेक्शन दिए जाने के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें होश नहीं आया. (नीचे देखे पूरी खबर)

परिजनों के मुताबिक, सुबह करीब 10 बजे अस्पताल के चिकित्सक स्वयं एंबुलेंस से अर्चना सिंह को टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) लेकर गए और बेहतर इलाज के लिए रेफर किए जाने की जानकारी दी. हालांकि, टीएमएच में इलाज के दौरान दोपहर करीब 2 बजे उनकी मौत हो गई. मौत की खबर मिलते ही परिजनों में आक्रोश फैल गया. उनका कहना है कि अर्चना सिंह पूरी तरह सामान्य अवस्था में अस्पताल पहुंची थीं और स्वयं चलकर भर्ती हुई थीं. ऐसे में ऑपरेशन से पहले ऐसी क्या स्थिति उत्पन्न हुई, जिससे उनकी जान चली गई. परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. मामले को लेकर कदमा थाना में शिकायत दर्ज कराई गई है. पुलिस ने शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया. इधर, मामले में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) का भी पक्ष सामने आया है. आईएमए के सचिव डा. सौरभ चौधरी ने कहा कि मरीज की मौत दुखद है, लेकिन उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई. उन्होंने कहा कि मौत के वास्तविक कारणों का पता जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा.





