जमशेदपुर : जमशेदपुर में भगवान बिरसा की 125वीं पुण्यतिथि पर बिरसा सेना ने सोमवार को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया है, जिसमें उपायुक्त के समक्ष चार सूत्री मांग पत्र भी सौंपी गयी है. उनकी मांगों में आदिवासी अधिकारों की रक्षा के लिए ग्राम सभा सशक्तिकरण, पेसा कानून का क्रियान्वयन और जनविरोधी नीतियों की वापसी की मांग की गयी है. इस संदर्भ में मोतिंद्रय कश्यप ने बताया कि उन्होंने विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना पर बैठे है. उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शन आदिवासी समाज की व्यथा, चिंता और लोकतांत्रिक संवेदनाओं को अभिव्यक्त करने का माध्यम है, जिससे सरकार और प्रशासन को यह अवगत कराया जा सके कि हमारी सांस्कृतिक, सामाजिक एवं भौगोलिक अस्मिता पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है. (नीचे भी पढे़ं)
ग्राम सभाएं, जिन्हें संविधान के भाग 10 और अनुसूचित क्षेत्रों में पेसा कानून के तहत सर्वोच्च दर्जा प्राप्त है, लगातार उपेक्षा का शिकार हो रही है. बिना ग्राम सभा की स्वीकृति के भूमि अधिग्रहण, लैंड बैंक के नाम पर जबरन जमीन कब्जा, शराब नीति से सामाजिक विघटन और ठेकेदारी प्रथा से विकास की दिशा भटक गयी है. वहीं उन्होंने चार सूत्री अपने समस्याओं के समाधान की मांग की है, जिसमें ग्राम सभाओं को उनकी वास्तविक शक्ति और निर्णय लेने की स्वतंत्रता देने, पेसा कानून का पालन हो, लैंड बैंक नीति को तत्काल रद्द करने और शराब नीति को वापस लिए जाने की मांग की गयी है.











