जमशेदपुर : जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डीडी बार के बाहर पुलिस की मौजूदगी में हुई हिमांशु सिंह की हत्या और प्रत्युष पर कातिलाना हमला के बाद माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है. इस बीच शुक्रवार की सुबह हिमांशु के पिता अचानक से टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) पहुंचे. उन्होंने वहां जाकर टाटा स्टील की मेडिकल डिवीजन की महाप्रबंधक (जीएम) डॉ विनिता सिंह से मुलाकात की. एक जवान बेटे के गम को लेकर पहले से ही दुखी हिमांशु के पिता अरविंद सिंह यहां जाकर जीएम से पूछा कि अस्पताल में जब परिवार के लोगों ने और उन्होंने अपने बेटे को दिया था. शव को भी अस्पताल को सौंपा था तो कैसे और किन परिस्थितियों में उनके बेटे की लाश को बिना उनके इजाजत के पुलिस को अस्पताल में दे दिया. (नीचे भी पढ़ें)
क्या शव को रखने की जिम्मेदारी अस्पताल की नहीं थी. आपको बता दें कि अरविंद सिंह टाटा स्टील के पूर्व कर्मचारी है और टाटा वर्कर्स यूनियन के कमेटी मेंबर भी रहे है. अरविंद सिंह ने कहा कि एक दवा लेने के लिए या किसी तरह का इलाज में बदलाव करने या इलाज करने के लिए जब आप लोग परिवारवालों से पांच पांच बार साइन कराते है तो फिर जब वे लोग शव को लेने नहीं आये तो फिर बिना परिवार की इजाजत के कैसे शव को दे दिया. इसका खामियाजा अस्पताल प्रबंधन को भुगतना पड़ेगा. इसको लेकर वे कानूनी लड़ाई लड़ेंगे.







