जमशेदपुर : भारतीय जनता पार्टी ने देश के विभाजन के दर्द को याद करते हुए गुरुवार को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ मनाया. भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष सुधांशु ओझा की अध्यक्षता में जमशेदपुर के साकची स्थित जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित विभाजन विभीषिका विषयक गोष्ठी में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, प्रदेश प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले, मीरा मुंडा, प्रदेश मंत्री नंदजी प्रसाद मुख्य रूप से मौजूद रहे. इस दौरान भाजपा नेताओं ने विभाजन के दौरान अपनी जान गंवाने वाले नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित कर नमन किया. वहीं, यातना एवं वेदना सहने वाले नागरिकों के कष्ट और संघर्षों को स्मरण किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष सुधांशु ओझा ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस उन सभी भारतवासियों को श्रद्धापूर्वक स्मरण करने का अवसर है, जिनका जीवन देश के बंटवारे की बलि चढ़ गया. (नीचे भी पढ़े)

इसके साथ ही यह दिन उन लोगों के कष्ट और संघर्ष की भी याद दिलाता है, जिन्हें विस्थापन का दंश झेलने को मजबूर होना पड़ा. इसके पश्चात, जिला भाजपा कार्यालय से साकची स्थित शहीद चौक तक मौन जुलूस निकाली गई. विभाजन विभीषिका विषयक गोष्ठी को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने देश बंटवारे की बलि चढ़े सपूतों को नमन करते हुए कहा कि विदेशी शासन से मुक्ति के लिए जिन ज्ञात – अज्ञात लोगों ने भारी कीमत चुकायी थी, देश उन्हें कभी भूला नही सकता हैं. उन्होंने कहा कि हमारे देश का विभाजन क्यों हुआ यह जानना बहुत जरूरी है. आज की पीढ़ी को अपने इतिहास के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए. उन्होंने बताया कि 1906 में मुस्लिम लीग की स्थापना हुई. तब से अलग देश की सुगबुगुहाट शुरू हो गई थी. 1930 में पाकिस्तान बनाने का प्रस्ताव आया. देश के कुछ नेताओं के स्वार्थ और गलतियों के चलते देश का विभाजन 14 अगस्त 1947 को हुआ. यह इतना भयावह था कि इसमें लाखों लोग मारे गए, दुष्कर्म हुए, संपत्ति लूट लिए गए और इन सबसे करोड़ों लोगों को अपना घर छोड़कर पलायन करना पड़ा. ऐसे ही नेताओं के विचारधारा पर चलने वाले दल आज देश की जनता में कई तरह के भ्रम फैला रहे है लेकिन, हमारा देश ऐसे स्वार्थी लोगों के बहकावे में नहीं आएगा, हमारा देश अखंड रहेगा. (नीचे भी पढ़े)

उन्होंने कहा कि लाखों लोगों को विभाजन का जुल्म अपने प्राण गंवाकर चुकानी पड़ी थी. करोड़ो लोगों को अपने पूर्वजों की जमीन से उजड़कर दूर-दराज के स्थानों में पलायन करना पड़ा था. विभाजन के दौरान करोड़ों महिलाएं, बच्चे एवं बुज़ुर्गों को भयंकर त्रासदी पीड़ा एवं मानसिक वेदना से गुजरना पड़ा. यह मानव इतिहास की सबसे बड़ी विभीषिका थी. झारखंड भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले ने कहा कि जब विभाजन होता है, तो उसका दर्द और मर्म केवल वही लोग समझ सकते हैं जो सीधे तौर पर उससे प्रभावित हुए हों. उनकी पीड़ा को समझना और सम्मान देना ही सच्ची देशभक्ति है. उन्होंने इस बात की कड़ी निंदा की कि कुछ नासमझ लोग ऐसे पीड़ितों को ‘रिफ्यूजी’ या ‘पाकिस्तानी’ जैसे अपमानजनक शब्दों से संबोधित करते हैं, जो निंदनीय और अशोभनीय है. श्री काले ने कहा कि विभाजन, उस दौर के गैरजिम्मेदार नेतृत्व के निर्णयों की सबसे बड़ी कीमत थी, जो देशवासियों को चुकानी पड़ी. उन्होंने विभाजन विभीषिका दिवस मनाने के निर्णय पर पीएम नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि यह दिवस भेदभाव और दुर्भावना को समाप्त करने की प्रेरणा देता है। साथ ही यह एकता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करता है. इस दौरान मंच जिला महामंत्री अनिल मोदी एवं धन्यवाद ज्ञापन जिला उपाध्यक्ष बबुआ सिंह ने किया. गोष्ठी के दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष ब्रह्मदेव नारायण शर्मा, देवेंद्र सिंह, चंद्रशेखर मिश्रा, दिनेश कुमार, कुसुम पूर्ति, नीरज सिंह, डॉ राजीव, जटाशंकर पांडेय, कुलवंत सिंह बंटी, राजीव सिंह, बबुआ सिंह, प्रदीप बेसरा, संजीव कुमार, मिली दास, जितेंद्र राय, कृष्णा शर्मा काली, बिनोद सिंह, उज्जवल सिंह, नीतीश कुशवाहा, रमेश बास्के, बजरंगी पांडेय, काजू शांडिल, लकी सिंह समेत कई अन्य मौजूद रहे.



