
जमशेदपुर : जमशेदपुर भाजपा में घमासान तेज है. भाजपा के जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष गुंजन यादव के खिलाफ 14 मंडलों के अध्यक्षों ने लिखित शिकायत की थी, जिसके जवाब में अब तल्खी और तेज हो गयी है. हालात यह है कि अब मंडलों में जिला के पदाधिकारी मंडल कार्यसमिति की बैठक में नहीं जा रहे है. इसके अलावा मंडल कार्यसमिति की बैठकों में भी लोगों को जाने से रोकने का प्रयास शुरू कर दिया गया है. ऐसा शुक्रवार को संपन्न हुए कदमा और सोनारी मंडल के कार्यसमिति की बैठक में देखने को मिला. सोनारी मंडल में जिला के उपाध्यक्ष संजीव सिन्हा खुद रहते है, जो कार्यसमिति में शामिल नहीं हुए जबकि जिला समिति के महामंत्री राकेश सिंह उसमें शामिल हुए थे. इसके अलावा कदमा मंडल में जिला के उपाध्यक्ष सुधांशु ओझा खुद रहते है, जबकि वे इस बैठक में शामिल नहीं हुए थे. उसमें जिला महामंत्री राकेश सिंह और अनिल मोदी शामिल हुए थे. इस तरह लगातार जिला कमेटी के कई लोग मंडलों की कार्यसमिति के खिलाफ ही रणनीति बनाते नजर आ रहे है. इतना ही नहीं अब कदमा में खोले गये भाजपा के कथित कार्यालय में भी मंडल कमेटी को जाने नहीं दिया जा रहा है और इसको निजी कार्यालय बना दिया गया है, जिसको लेकर मंडल के लोगों में काफी गुस्सा है. यहां तल्खी का बड़ा कारण यह है कि भाजपा के जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष के खिलाफ गलत व्यवहार करने की शिकायत कदमा, सोनारी, घाघीडीह समेत कुल 14 मंडलों के अध्यक्ष रांची जाकर उनकी शिकायत किये थे. इसके बाद से ही यह तल्खी बढ़ गयी है और हालात यह है कि जो लोग शिकायत करने वालों में शामिल नहीं थे, उनके यहां जिला कमेटी के सारे लोग जा रहे है और जिन लोगों ने शिकायत की थी, उसके पास जिला कमेटी के लोगों द्वारा कार्यसमिति की बैठक को ही फ्लॉप करने की कोशिशें तेज कर दी गयी है. वैसे आपको बता दें कि महानगर अध्यक्ष के ही आदेश पर मंडलों के कमेटी की कार्यसमिति की बैठक आहूत की जाती है. हालांकि, इस पूरे मसले पर मंडलों के अध्यक्ष ने कोई भी अधिकारिक बातें बताने से साफ तौर पर इनकार किया है और कहा कि यह संगठन का मामला है और संगठन में ही अपनी बातों को रखेंगे.


