जमशेदपुर : जमशेदपुर के भाजपा नेता अभय सिंह की जमानत याचिका एक बार फिर से लटक गयी है. भाजपा नेता अभय सिंह, सुधांशु ओझा समेत अन्य नेताओं का एक साथ जमानत याचिका झारखंड हाईकोर्ट में दायर किया गया है. इस याचिका को लेकर लगभग दो सप्ताह से टल रहा था. इस मामले में एडवोकेट जेनरल खुद हाजिर हुए थे. बुधवार को भी सुनवाई की तिथि निर्धारित थी. झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस सुजीत नारायण की अदालत में इस मामले की सुनवाई हुई. इस सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से मौजूद एडवोकेट जेनरल ने कोर्ट से मंगलवार तक का समय ले लिया ताकि वे लोग सरकार की ओर से शपथ पत्र दायर कर सके. इस मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को शपथ पत्र दायर करने को कहा था. इसको देखते हुए सरकार की ओर से समय ले लिया गया. अब इसकी अगली सुनवाई 6 जुलाई को होगी. इसमें सरकार ने अपना जवाब दाखिल करने की बात कहीं है. (नीचे भी पढ़ें)
जमशेदपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रकाश झा ने बताया कि अब इस केस को लेकर अगली सुनवाई 6 जुलाई को होगी. गौरतलब है कि जमशेदपुर के कदमा शास्त्रीनगर में हुई हिंसा के मामले में अभय सिंह, सुधांशु ओझा समेत कई लोग जेल में बंद है. इस मामले के सारे आरोपियों की जमानत याचिका निचली अदालत से खारिज हो गयी है, जिसके बाद सारे लोग हाईकोर्ट की शरण में चले गये है. भाजपा नेता अभय सिंह, सुधांशु ओझा, रंजीत कुमार पंडित, उमेश सिंह, संदीप पांडेय, मुकेश कुमार मिश्रा, जावेद शेख, रफीक मंडल, जितेन्द्र कुमार पांडेय और गोपी प्रमाणिक समेत अन्य अभी जेल में बंद है. (नीचे भी पढ़ें)
क्या है पूरा मामला :
9 अप्रैल को कदमा के शास्त्रीनगर का सौहार्द बिगड़ गया था. इस बीच दो समुदाय के बीच खूब रोड़ेबाजी हुई थी. फायरिंग भी की गयी थी. बाद में पुलिस ने हवाइ फायरिंग कर लोगों को चेताया भी था, लेकिन उपद्रवी रोड़ेबाजी करने से नहीं चूक रहे थे. जमशेदपुर के एसएसपी प्रभात कुमार पर भी पथराव कर दिया गया था. घटना के बाद कदमा में धारा 144 लगा दिया गया. साथ ही उसी रात रैफ को उतार दिया गया था. इसके बाद मामला शांत हुआ था. इस मामले में अनुमंडल पदाधिकारी पियुष कुमार सिन्हा, पुलिस उपाधीक्षक कमल किशोर, जय प्रकाश कुरमाली कार्यपालक दंडाधिकारी समेत कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे. इस मामले में जमशेदपुर अक्षेस (जेएनएसी) के नगर प्रबंधक अन्य राज के बयान पर 118 नामजद समेत हजारों अज्ञात के खिलाफ कदमा थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी. पुलिस ने जानलेवा हमला, धार्मिक भावना में ठेस पहुंचाने के अलावे सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने फायरिंग व बम विस्फोट अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया हैं. इस मामले में कई डर्जन लोगों जेल में बंद हैं.











