जमशेदपुर : सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (सीजीपीसी) के वर्तमान प्रधान भगवान सिंह का कार्यकाल चार माह बाकी है, और उनके निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हेतु लंबित है. याचिकाकर्ता सरदार हरविंदर सिंह मंटू एवं सरदार हरमिंदर सिंह मिंदी ने एलपीए 544/2023 याचिका युगल खंडपीठ में सुनवाई हेतु 21 सितंबर 2023 को दाखिल कर रखी है. इस पर हाईकोर्ट 16 अक्टूबर 2023, एक दिसंबर 2023, 12 दिसंबर 2024 एवं 24 मार्च 2025 को न्यायमूर्ति और मुखोपाध्याय एवं न्यायमूर्ति अरुण कुमार राय की खंडपीठ ने सुनवाई की तिथि निश्चित कर रखी थी, लेकिन याचिकाकर्ता की ओर से झारखंड हाईकोर्ट में प्रतिनिधित्व ही नहीं दिया गया.(नीचे भी पढ़े)
1 दिसंबर 2023 को न्यायमूर्ति चंद्रशेखर एवं न्यायमूर्ति अनुभा रावत चौधरी ने सुनवाई नहीं की थी और मुख्य न्यायाधीश को नया बेंच गठित करने का आग्रह किया था क्योंकि सरदार हरविंदर सिंह मंटू एवं सरदार हरमिंदर सिंह की रिट पिटीशन (सिविल) 1214/2023 को सुनवाई के योग्य नहीं पाया था और 16 मई 2023 को खारिज कर दी थी. न्यायमूर्ति अनुभा राय चौधरी के न्यायालय में भगवान सिंह के निर्वाचन को खारिज करने, दोबारा चुनाव कराने, सरकार के प्राधिकृत एजेंसी को चुनाव की जिम्मेदारी देने तथा अंतिम फैसला आने तक 11 जनवरी 2023 को भगवान सिंह को निर्वाचन होने के फैसले को स्थगित रखने का आग्रह किया गया था. (नीचे भी पढ़े)
सरदार हरविंदर सिंह मंटू एवं सरदार हरविंदर सिंह मिंदी ने झारखंड राज्य, जिला उपायुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम, तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब के महासचिव, सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान भगवान सिंह और केंद्रीय गुरुद्वारा प्रबंधक चुनाव कमेटी को दोनों ही मामलों में प्रतिवादी बना रखा है. एलपीए पर न्यायमूर्ति आर मुखोपाध्याय एवं न्यायमूर्ति अरुण कुमार राय के न्यायालय ने अपने आदेश में लिखा है कि अपील करता की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ और कार्यालय द्वारा इंगित दोषों को दूर करने के लिए तीन सप्ताह का अतिरिक्त समय का अंतिम अनुमति दी जाती है. अन्यथा अपील खारिज की जा सकती है.











