जमशेदपुर : सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष विजय आनंद मूनका ने अपने कार्यकाल का अंतिम पत्र मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लिख कर उन्हें राज्य की आम जनता की इच्छा एवं आकांक्षाओं से अवगत कराते हुए कहा है कि विकसित एवं समृद्ध झारखंड राज्य के हर निवासी का सपना है. अपने पत्र में उन्होंने राज्य की जनता का यह सपना पूरा करने के लिए राज्य सरकार को कई अहम सुझाव भी दिये हैं. श्री मूनका ने कहा है कि आज झारखंड के श्रम एवं पैसों से दूसरे राज्य विकसित हो रहे हैं. राज्य के श्रमिक दूसरे राज्यों में काम कर रहे हैं, यहां के बच्चे उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों में जाने को मजबूर हैं तो यहां के लोगों को बेहतर इलाज के लिए भी दूसरे राज्यों में जाना पड़ता है और इन पर खर्च हो रहे पैसों से वे राज्य विकास कर रहे हैं. उन्होंने इन जरूरतों की पूर्ति अपने राज्य में कराने का आग्रह किया है ताकि इनके लिए किसी को दूसरे राज्य में नहीं जाना पड़े और राज्य का पैसा राज्य के विकास के काम में लगे. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने 12वीं के बाद राज्य में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा की व्यवस्था नहीं होने का जिक्र करते हुए देश के दूसरे राज्यों की तरह यहां भी उच्च शिक्षण संस्थानों की आवश्यकता बताई है ताकि यहां के छात्रों को पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़े और इस पर खर्च हो रही बड़ी धनराशि दूसरे राज्यों में जाने की बजाय अपने राज्य के विकास में लगे. उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना में विलंब होने की स्थिति में राज्य के अच्छे अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों का इन बड़े संस्थानों के साथ एमओयू कराकर अपने यहां इवनिंग क्लासेज शुरू कराने का सुझाव भी दिया है, जिससे छात्रों का दूसरे राज्यों में पलायन रुकेगा और राज्य को राजस्व का नुकसान भी नहीं होगा. (नीचे भी पढ़ें)
इसी प्रकार राज्य में बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों की आवश्यकता पर बल देते हुए श्री मूनका ने कहा है कि इसकी कमी के कारण बड़ी संख्या में राज्य के लोगों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों में स्थित अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता है. लोगों को बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, मुंबई, दिल्ली जैसे शहरों में जाना पड़ता है, जिससे लोगों के इलाज का खर्च भी बढ़ जाता है और इस पर खर्च सारा पैसा दूसरे राज्य में चला जाता है. इसके मद्देनजर उन्होंने राज्य में बेहतर अस्पतालों की स्थापना एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास का सुझाव दिया है ताकि राज्य के लोगों का पैसा यहीं रहे, बल्कि दूसरे राज्यों के लोग यहां इलाज कराने पहुंचें. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने किसी भी राज्य के विकास में बड़े उद्योगों की स्थापना को अत्यावश्यक बताते हुए कहा है कि कोल्हान में छोटी औद्योगिक इकाइयों की संख्या हजारों में है, किन्तु उन्होंने यहां बड़े उद्योगों की स्थापना की जरूरत बताते हुए कहा है कि क्षेत्र में चौपहिया, दोपहिया, तीनपहिया वाहन निर्माण करनेवाले प्रतिष्ठानों एवं रेलवे जैसे सरकारी उपक्रमों के कल-पुर्जे बनानेवाले उद्योगों की स्थापना से यहां औद्योगिक विकास तेजी से आगे बढ़ेगा. उन्होंने यहां का माहौल भी इसके उपयुक्त होने की बात कही है तथा कहा है कि इससे राज्य के राजस्व में वृद्वि होगी और यह राजस्व राज्य के विकास में लग सकेगा. (नीचे भी पढ़ें)
दूसरी ओर धालभूमगढ़ में इंटरनेशनल एयरपोर्ट की स्थापना की जरूरत बताते हुए उन्होंने कहा है कि जमशेदपुर को स्थापित हुए सौ वर्ष से अधिक बीत जाने और इसके प्रतिष्ठित स्टील सिटी के रूप में स्थापित होने और राज्य की आर्थिक राजधानी के रूप में पहचान बनने का बाद भी आज तक इसका समग्र विकास नहीं हो पाया है. उन्होंने इसके लिए जमशेदपुर में एयरपोर्ट की स्थापना को जरूरी बताया है. उन्होंने कहा है कि अबतक हवाई अड्डे का निर्माण नहीं होने के कारण यहां आने-जाने में हवाई यात्रा के लिए रांची या कोलकाता जैसे हवाई अड्डों पर निर्भर करना पड़ता है जो काफी परेशानी और समय की बर्बादी वाला होता है. उन्होंने कहा है कि इसके कारण जमशेदपुर एवं इसके आसपास के क्षेत्रों का विकास भी रुक-सा गया है. इसके लिए उन्होंने धालभूमगढ़ या जमशेदपुर में प्रस्तावित एयरपोर्ट का नाम ‘दिशोम गुरु शिबू सोरेन इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ रखने का सुझाव देते हुए कहा है कि यह झारखण्ड और कोल्हान वासियों के तरफ से दिशोम गुरु को सच्ची श्रद्धांजलि होगी. (नीचे भी पढ़ें)
इसी प्रकार उन्होंने राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने का सुझाव देते हुए कोल्हान क्षेत्र के चांडिल डैम, दलमा, डोबो के सतनाला डैम, पश्चिमी सिंहभूम के गोइलकेरा के निकट महादेवशाल स्थित शिवमंदिर क्षेत्र, घाटशिला एवं उसके आसपास की मनोरम प्राकृतिक वादियों आदि का जिक्र करते हुए इनके पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकास का सुझाव दिया है. उन्होंने कहा है कि इन स्थानों पर बेहतर पर्यटन सुविधाएं मुहैया कराने एवं राज्य में पर्यटन विकास के लिए प्रयास किये जाने का भी सुझाव देते हुए मुख्यमंत्री से उम्मीद जताई है कि उनके नेतृत्व में ये कार्य संपन्न होंगे जिससे झारखंड के विकसित राज्य बनने का मार्ग प्रशस्त हो सकेगा.



