चेक बाउंस मामले में आरोपी मंजीत कौर को छह माह की सजा, चेक राशि समेत 2.40 लाख रूपए का कंपनशेसन देने का आदेश
जमशेदपुर : चेक बाउंस के एक मामले में जमशेदपुर के टेल्को मनीफीट निवासी मंजीत कौर को जमशेदपुर कोर्ट के प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी नमिता मिंज की अदालत ने सोमवार को आरोपी मंजीत कौर को दोषी करार देते हुए एनआई एक्ट के तहत छह माह का साधारण कैद की सजा सुनाई हैं. साथ ही अदालत ने सूचक शोभा देवी (टेल्को मनीफीट) निवासी को चेक राशि दो लाख और 40 हजार रूपए का कंपनशेसन भुगतान करने का आदेश दिया हैं. घटना वर्ष 2020 की हैं. मंजीत कौर ने 4 दिसंबर 2020 को शोभा देवी से दो लाख रूपए का दोस्तना कर्ज लिए थे, जिसके बदले में बैक ऑफ इंडिया (टाटा स्टील कॉम्प्लेक्स) का एक चेक दिया था. रूपए की कमी से चेक बाउंस कर गया था. तब जाकर शोभा देवी ने अदालत में आरोपी मंजीत के खिलाफ मामला दर्ज किया था. शोभा देवी की ओर से अधिवक्ता श्रीकांत गिरी और प्रसन्नजीत पैरवी कर रहे थे.(नीचे भी पढ़े)
साकची : नारायणी इन्टरनेशनल के मालिक अमित कुमार गुप्ता से एक करोड़ की रंगदारी मांगने के तीन आरोपी साक्ष्य अभाव में बरी
जमशेदपुर के साकची ठाकुर बाड़ी रोड स्थित नारायणी इन्टरनेशनल के मालिक से मोबाइल पर एक करोड़ रूपए की रंगदारी मांगने के मामले से आरोपी राजेन्द्र राम भूईयां उर्फ दुलाल, बुधू कर्मकार (रामनगर मड़ैया वस्ती आदित्यपुर) एवं कदमा अनिल सूर पथ के रहने वाला पियू लोहार को जमशेदपुर कोर्ट के सीजेएम निशांत कुमार की अदालत ने सोमवार को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। इस मामले में दो की गवाही हुई थी. साकची ठाकुर बाड़ी रोड स्थित नारायणी इन्टरनेशनल के मालिक अमित कुमार गुप्ता ने साकची थाना में 14 मार्च 2017 को विभिन्न मोबाइल धारकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें अमित कुमार गुप्ता का कहना था कि 27 फरवरी 2017 की सुबह 7.40 बजे वह अपनी दुकान पर था, तभी उनकी मोबाइल नंबर पर विभिन्न मोबाइल नंबर से फोन आया, फोन करने वाला आलोक गुप्ता के पुत्र अमित कुमार गुप्ता को खोजते हुए मोबाइल पर एक करोड़ रूपए की रंगदारी मांगने लगा, रंगदारी नहीं देने पर दुकान में घूस कर पिता और तीनों भाई की गोली मारकर हत्या कर देने की धमकी दी. इस प्रकार 2 मार्च और 10 मार्च को भी मोबाइल पर कॉल करते हुए रंगदारी की मांग करते हुए धमकी दी गई थी. कॉल करने वाला एक ही व्यक्ति का आवाज था. पुलिस ने मामले में राजेन्द्र राम भूईयां उर्फ दुलाल और बुधू कर्मकार एवं पियूष लोहार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. आरोपी बुधू कर्मकार और पियू लोहार की ओर से अधिवक्ता आरसी कर एवं राजेन्द्र राम भूईयां उर्फ दुलाल की ओर से अधिवक्ता नरेन्द्र प्रसाद ने पैरवी की.(नीचे भी पढ़े)
साकची : अमलेश सिंह एमजीएम कैदी वर्ड से प्रतिदिन परिजन से मिलने जाने और उसके पास से जब्त चोरी की मोबाइल मामले में बहस हुई, अब बहस बुधवार को होगी
8 अक्टूबर 2013 को जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल के कैदी वर्ड में निरीक्षण के दौरान अमलेश सिंह को कैदी वर्ड से गायब रहने और तलाशी में वर्ड से पुलिस को मिली चोरी की मोबाइल और सीम कार्ड मामले में सोमवार बहस शुरू हुई, अब बहस बुधवार को होगी. मामले में वरीय अधिवक्ता प्रकाश झा ने सभी आरोपियों की ओर से बहस की. मामले की सुनवाई जमशेदपुर कोर्ट के सीजेएम निशांत कुमार की अदालत कर रही हैं. घटना 8 अक्टूबर 2013 की है. पणन सचिव कृषि उत्पादन बाजार समिति परसुडीह के आशुतोष कुमार सिन्हा ने एमजीएम अस्पताल के कैदी वर्ड में अचैक निरीक्षण साकची पुलिस के सहयोग से किया था। इस दौरान अमलेश सिंह को कैदी वर्ड से गायब पाया गया. जांच में पाया गया कि अमलेश सिंह कैदी वार्ड के पुलिस कर्मी को मैनेज कर प्रतिदिनो रात को अपने घर परिजन से मिलने के लिए चले जाते थे. पुलिस द्वारा कैदी वार्ड की तलाशी लेने पर चोरी की मोबाइल और सिम बरामद किया था. मोबाइल कमरे के दरवाजे में छिपाकर रखा गया था. जब्त मोबाइल से संबंधित कोई कागजात प्रस्तुत नहीं किया था. इस संबंध में अमलेश के खिलाफ साकची थाने में चोरी की मोबाइल बरामदगी की धारा 414 और कैदी अधिनियम की धारा 42 के तहत मामला दर्ज किया गया था. इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में तीन पुलिस कर्मी नंदलाल सिंह, हरि शंकर सिंह और दिनेश यादव को भी आरोपी बनाया गया हैं.




