
जमशेदपुर : जमशेदपुर में अखिलेश सिंह और परमजीत सिंह गिरोह के बीच अक्सर वर्चस्व को लेकर खूनी संर्घष चला आ रहा है. वर्चस्व को लेकर दोनों गैंग के बीच कई बार गैंगवार भी हो चुका है. इधर सोमवार को पुलिस ने इसी मामले में परमजीत गिरोह के कृष्णा राव और मोहन राव के अलावा एक अन्य को गिरफ्तार किया है. सभी की गिरफ्तारी सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के ही एक फ्लैट से हुई है. पुलिस सभी से पुछताछ कर रही है. मिली जानकारी के अनुसार पूछताछ में यह बात सामने आयी है कि कुख्यात गैंगस्टर अखिलेश सिंह के जेल जाने के बाद से ही उसके पूरे गिरोह को खत्म करने की साजिश चल रही है. आगामी दिनों में कई सारे वारदातों को अंजाम देना था जिसमें अखिलेश गिरोह को टारगेट में लेना तय किया गया था. परसुडीह के गदड़ा और मानगो से अमरनाथ सिंह गिरोह के 15 सदस्यों के पकड़ाने के बाद पूछताछ में पुलिस को कृष्णा राव और मोहन राव के ठिकानों का पता चला था जिसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर कृष्णा और मोहन समेत तीन को गिरफ्तार किया है. कृष्णा के खिलाफ जमशेदपुर के कई थानों में हत्या और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज है. हालांकि, पुलिस ने गिरफ्तारी की अधिकारिक पुष्टी नहीं की है. इधर बीते दिनों ही अमरनाथ सिंह गिरोह के 15 सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद कृष्णा और मोहन की गिरफ्तारी और उनसे हुई पूछताछ में यह बातें सामने आयी है कि परमजीत सिंह गिरोह हो या फिर अमरनाथ सिंह गिरोह एक साथ काम कर रहा है जबकि सुधीर दुबे गैंग भी इनका लाभ उठाने में लगा हुआ है, जिसके जरिये कांटे से कांटा निकालने की कोशिश है और सबका कांटा गैंगस्टर अखिलेश सिंह ही है. सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश सिंह को जेल में ही या जेल के बाहर ही मार देने की कोशिशें हो रही थी, जिसका खुलासा हुआ है. दोनों की दुश्मनी अखिलेश सिंह गिरोह से रही है. अमरनाथ सिंह के गुर्गे राजा शर्मा और गणेश सिंह जैसे लोगों की हत्या करने की फिराक में थे. अब देखना ये है कि पुलिस कब इस मामले से पर्दा उठाती है. वैसे यह जानकारी मिली है कि परमजीत सिंह गिरोह के कुछ लोग अखिलेश सिंह गैंग में शामिल तो हो चुके है लेकिन कई लोग गैंगस्टर अमरनाथ सिंह के साथ है तो कई लोग सुधीर दुबे के साथ है. दोनों ही गिरोह का एक दुश्मन है अखिलेश सिंह, जिस कारण सब एक साथ मिलकर दुश्मनी निकालने के चक्कर में है. वैसे कृष्णा राव और मोहन राव पहले अखिलेश सिंह के अपने भाई अमलेश सिंह के साथ रहता था और अक्सर कई अपराध को अंजाम दे चुका है. इससे पहले वह टाटा ब्लूस्कोप में हुई फायरिंग में अमलेश सिंह के साथ मिलकर अपरारध को अंजाम दिया था, जिसमें वे लोग अपराध कर चुके है. वैसे आपको बता दें कि अखिलेश सिंह और उसके भाई अमलेश सिंह के बीच भी दूरी काफी ज्यादा बढ़ चुकी है, जिसका लाभ भी सुधीर दुबे गैंग और अमरनाथ गैंग उठाने के चक्कर में है.












