जमशेदपुर : जमशेदपुर में दो सड़क परियोजनाओं के प्रति सरकार गंभीर नहीं दिख रही है. जाम और प्रदूषण से जूझते जमशेदपुर शहर के लिए ये दोनों परियोजनाएं वरदान की तरह है. इनका शिलान्यास 2019 में ही हो चुका है, लेकिन इसे शुरू करने में पिछले छह वर्षों में सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है. सरकार कछुए की गति से धीरे कार्य कर रही है. उक्त बातें जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने कहीं. उन्होंने कहा कि जमशेदपुर के लिए यह दोनों ही सड़क परियोजनाएं काफी महत्वपूर्ण है. इनके पूरा होने से शहर में जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी ही, बड़े वाहनों का आवागमन भी शहर के बाहर से हो सकेगा, जिससे प्रदूषण से भी राहत मिलेगी. विधानसभा में दिए जवाब में सरकार ने कम से कम भुईयाडीह-लिट्टी चौक से भिलाई पहाड़ी (एनएच-33) के दूसरे किमी में स्वर्णरेखा नदी के ऊपर फोर-लेन उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच पथ का पुनर्निर्माण कार्य के जल्द शुरू होने की बात कही है. लेकिन अभी भी मामला प्रक्रियाधीन बताया है. निर्माण कार्य कब से शुरू होगा, इस पर कुछ नहीं बताया है. इसके अलावा अन्ना चौक से गोविन्दपुर पथ तक 1540 मीटर लंबाई के 4-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर एवं पहुंच पथ निर्माण कार्य मामले को न्यायलय में लंबित बताकर पल्ला झाड़ रही है. (नीचे भी पढ़ें)
सरकार ने इसके निबटारे के लिए क्या कदम उठाए हैं, इसपर कुछ नहीं बताया. ऐसे तो यह मामला सदियों तक लंबित रह सकता है. श्रीमती साहू ने कहा कि जमशेदपुर क्षेत्र से सरकार को काफी राजस्व मिलता है. इसके बावजूद सरकार का यह सौतेला रवैया समझ से परे है. मैं राज्य सरकार से अपील करती हूं कि न्यायालय में लंबित मामले को जल्द निष्पादित करने की दिशा में ठोस पहल करें. साथ ही दूसरी सड़क परियोजनाओं का कार्य भी यथाशीघ्र आरंभ करें ताकि जमशेदपुरवासियों को राहत मिल सके. विधायक पूर्णिमा साहू द्वारा पूछे गए सवाल में कहा गया कि क्या मंत्री, पथ निर्माण विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे कि, क्या यह बात सही है कि जमशेदपुर में गोविन्दपुर ऊपरी पथ एवं बाईपास निर्माण की निविदा 138.774 करोड़ की लागत पर निष्पादित हो गई थी. इसी तरह लिट्टी चौक से स्वर्णरेखा नदी तक एनएच-33 को जोड़ने वाले पथ का शिलान्यास हो गया, परन्तु आगे की कार्रवाई लंबित है. क्या यह बात सही है कि जमशेदपुर औद्योगिक क्षेत्र के कारण आर्थिक गतिविधियां, ट्रैकों के परिचालन के कारण जमशेदपुर शहर के यातायात पर दबाव बढ़ा है और उपयुक्त परियोजनाओं के निर्माण से यातायात में काफी सुविधा होती, उत्तर देते हुए कहा गया कि यदि उपर्युक्त कडिकाओं के स्वीकारात्मक है, तो क्या सरकार टाटा मोटर्स से थीम पार्क होते हुए लिट्टी चौक से एनएच 33 तक पथ एवं पुल का निर्माण कार्य चालू वित्तीय वर्ष में करना चाहती है. (नीचे भी पढ़ें)
हाँ. तो कब तक, नहीं तो क्यों. इस पर सरकार ने जवाब दिया कि अन्ना चौक से गोविन्दपुर पथ तक 4-लेन इलेवेटेड कोरिडोर एवं पहुंच पथ निर्माण कार्य (कुल लंबाई 1540 मीटर) -जिसका एकरारनामा पूर्व में 25.05.2019 को संपादित किया गया था, के टरमिनेशन के उपरांत संवेदक एसपी सिंगला कन्सट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा उच्च न्यायालय, नई दिल्ली में वाद दायर किया गया है, जो वर्तमान में न्यायालय के विचाराधीन है. तत्क्रम में विभाग द्वारा व्यवहार न्यायालय, रांची में कॉमर्शियल ऑरबिट्रेशन वाद दायर की गई है, जो वर्तमान में माननीय न्यायालय के विचाराधीन है. वर्तमान में स्वीकृत एलाइमेंट में वन भूमि अच्छादित पथांशों में वन भूमि अपयोजन निमित्त वांछित स्वीकृति हेतु आवश्यक कार्रवाई की जा रही . भुईयाडीह-लिट्टी चौक से मिलाई पहाड़ी (एनएच 33) के दूसरे किमी में स्वर्णरेखा नदी के ऊपर फोर-लेन उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच पथ का पुनर्निर्माण कार्य (कुल लंबाई 3.681 कि०मी०) जिसका एकरारनामा 05 अक्तूबर 2024 को संपादित किया गया है. कार्य प्रारंभ करने के क्रम में स्थलीय आवश्यकता अनुरूप पूर्व से अनुमोदित 228 मीटर लंबे पुल के स्थान पर 242 मीटर लंबे पुल निर्माण की अनुमति विभाग द्वारा प्रदान की गई है. तत्क्रम में प्रस्तावित पुल की पुनरीक्षित लंबाई एवं तदनुरूप पुनरीक्षित स्पैन अरेंजमेंट के आधार पर कंफरमेटरी बोरिंग का कार्य पूर्ण कर लिया गया है. संशोधित ड्राइंग तैयार कर निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जायेगा.



