गालूडीह: लगातार बारिश और ऊपरी इलाकों से हो रही पानी की आवक के कारण जिले के गालूडीह बराज, चांडिल डैम समेत कई डैम के फाटक खोल दिए गए हैं. डैम से पानी छोड़े जाने के बाद सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ गया है. इससे तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. इसे देखते हुए गालूडीह बराज के 18 गेट में से छह गेट खोल दिए गए हैं. गेट खोलकर नदी के बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है. जानकारी के अनुसार, सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर बढ़कर 92.4 के फ्लड लेवल तक पहुंच गया है. नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के साथ क्षेत्र के खेतों में भी पर्याप्त पानी पहुंच गया है. बारिश और सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होने से किसानों में उत्साह है. (नीचे भी पढ़ें)
डैम से छोड़ा गया हजारों क्यूसेक पानी : जलस्तर को नियंत्रित रखने के लिए गालूडीह बराज और चांडिल डैम के कई फाटक खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी की जा रही है. डैम से पानी छोड़े जाने की सूचना मिलते ही निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है. अनुमान है कि आने वाले घंटों में नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है. (नीचे भी पढ़ें)
किसान एक बार फिर धान की रोपनी के काम में जुट गए हैं. कई गांवों में खेतों की तैयारी के बाद धान के बिचड़े लगाए जा रहे हैं. लगातार बारिश से जहां धान की खेती करने वाले किसानों को राहत मिली है, वहीं सब्जी की खेती करने वाले किसानों की चिंता बढ़ गई है. खेतों में अधिक पानी जमा होने से सब्जियों की फसल प्रभावित हो सकती है. ऐसे में किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था करने की जरूरत है. बराज के गेट खोले जाने के बाद नदी के आसपास रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है. जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए नदी और बराज क्षेत्र में अनावश्यक रूप से जाने से बचने की जरूरत है.




