
Jamshedpur : वैश्विक संकट के इस दौर में जहां पूरा विश्व कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहा है, वहीं भारत भी इससे अछूता नहीं बचा है. देश कोरोना के सबसे खतरनाक दौर से गुजर रहा है. इन सबके बीच देशभर में पर्वों का दौर शुरू हो चुका है, जिसकी शुरूआत गणेश पूजा से हो चुकी है. कोरोना के कारण पूरे देश में गणपति उत्सव पर रोक लगा दी गयी है. घरों में सादगी पूर्वक गणपति वंदना की जा रही है. इधर पूर्वी भारत का सबसे बड़ा गणेशोत्सव जमशेदपुर में होता है. लेकिन इस साल ऐतिहासित गणेशोत्सव नहीं हो रही है.
वहीं कदमा में बालाजी गणपति विलास की ओर से बेहद ही सादगी पूर्ण तरीके से गणेश पूजा का आयोजन किया गया गया, जिसमें सीमित संख्या में भक्तों ने हिस्सा लिया. कमेटी की ओर से कोरोना संक्रमण से मुक्ति दिलाए जाने की कामना भगवान गणेश से की गयी. कमेटी की ओर से बताया गया कि भक्तों द्वारा खुले मैदान में गणेश पूजा का आयोजन किए जाने की मांग की जा रही थी, लेकिन प्रशासनिक बाध्यता के कारण उन्होंने ऐसा नहीं किया.
आपको बता दें कि इस साल 102वां गणेशोत्सव था, जो कोरोना के कारण सादगीपूर्ण तरीके से मनाया जा रहा है. पूर्वी भारत का सबसे बड़ा मेले की शुरुआत भी यहीं से होती थी, जहां बिहार, बंगाल, यूपी, ओडिशा के अलावा अन्य राज्यों के लोग यहां अपने उत्पादों का स्टॉल लगाने आते थे. इस साल कोरोना के कारण मेला भी स्थगित होने से न केवल पूजा कमेटी बल्कि जमशेदपुर वासियों में भी मायूसी देखी जा रही है.

दूसरी ओर बिस्टुपुर स्थित हिंदू पीठ में भी सादगी पूर्वक सिद्धि विनायक गणेश की पूजा अर्जना कर वैश्विक महामारी से मुक्ति दिलाने की कामना की गयी. इस संबंध में पीठ के अध्यक्ष अरुण सिंह ने बताया कि कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए कम से कम सदस्यों को ही विशेष पूजा में आने की अनुमति दी गयी.







