
जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिला में बाल विवाह प्रथा को रोकने के लिए झारखंड सरकार की तेजस्विनी परियोजना के तहत सरकारी स्कूलों में बालिकाओं को जागरूक किया जा रहा है. जिसके तहत पोटका विधानसभा क्षेत्र के हितकु पंचायत स्थित उत्क्रमित विद्यालय में तेजस्विनी परियोजना के फील्ड कोऑर्डिनेटर गलरोरिया पूर्ती द्वारा बालिकाओं को बाल विवाह प्रथा के खिलाफ जागरूक किया गया. इस दौरान उन्हें यह बताया गया कि 18 साल से कम उम्र में शादी होने से क्या क्या परेशानियां होती है और इसका समाज पर क्या प्रभाव पड़ता है. बालिकाओं ने इस दौरान कई सवाल भी पूछे जिसका जवाब फील्ड कोऑर्डिनेटर ने दिया. उन्हें जानकारी दी गई कि कम उम्र में शादी होने के बाद जब लड़कियां मां बनती है तो बच्चा और मां दोनों को शारीरिक नुकसान होता है साथ ही बाल विवाह कानूनन अपराध है. फील्ड को-ऑर्डिनेटर ने बताया कि बाल विवाह प्रथा यह अभियान आगे भी जारी रहेगा. झारखंड में इस प्रथा को खत्म करना चुनौती है इसे खत्म करने के लिए सबको मिलकर काम करने की जरूरत है.





