
जमशेदपुर : जमशेदपुर के साकची बसंत टॉकीज स्थित बजरंग बलि मंदिर को लेकर विवाद अब सड़कों पर आ गया है. दरअसल, इस मंदिर का जीर्णोद्धार के लिए दो कमेटी काम कर रही है. इसमें सरयू राय के जनप्रतिनिधि भाजमो के अल्पसंख्यक मामलो के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह जोगी के नेतृत्व में एक कमेटी काम कर रही है जबकि एक कमेटी हिंदूवादी संगठनों से जुड़े चिंटू सिंह समेत अन्य लोगों की कमेटी है, जो अपने अपने तरीके से इस मंदिर में आयोजन कर रहा है औव इसकी तैयारियां कर रहा है. इस कड़ी में अप्पू तिवारी, चिंटू सिंह समेत अन्य लोगों ने एक बैनर लगा दिया, जिसमें मंदिर का नामकरण किया गया था. (नीचे देखे पूरी खबर और देखिये वीडियो)
इस बैनर के बगल में ही एक अन्य बैनर भी लगाया जा रहा था जो जोगिंदर सिंह जोगी के नेतृत्व वाली कमेटी लगा रही थी. इसी बीच दूसरे गुट के लोगों ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद दोनों के बीच गाली गलौज होने लगी और मारपीट की स्थिति उत्पन्न हो गयी. साकची के बसंत टॉकीज गोलचक्कर रणभूमि में तब्दील हो गया. दोनों गुटों के बीच गाली गलौज और मारपीट जैसी स्थिति उत्पन्न हो गयी और धक्का मुक्की हो गयी. माहौल की जानकारी मिलते ही साकची पुलिस ने मामले में हस्तक्षेप किया और तत्काल दोनों ही गुटों को शांत कराकर माहौल को संभालने की कोशिश की. फिलहाल, इस मामले को लेकर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है. (नीचे देखे पूरी खबर और देखिये वीडियो)
इसको लेकर जोगिंदर सिंह जोगी ने बताया कि वे लोग बैनर लगाये थे, जिसको चिंटू सिंह और अन्य लोगों ने आकर मारपीट की और धक्का मुक्की की. इसके अलावा वे लोग सरयू राय मुर्दाबाद और रघुवर दास जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे तो जरूर विरोध होगा. वहीं, चिंटू सिंह ने आरोप लगाया कि जोगी और अन्य लोगों ने उन लोगों के बैनर को फाड़ दिया और उनको ही धक्का मुक्की की गयी. इस मामले को लेकर क्षेत्र में तनाव की स्थिति है और पुलिस काफी अलर्ट है. वैसे ऐसे हालात उत्पन्न पहले से ही होता नजर आ रहा था. (नीचे देखे पूरी खबर और देखिये वीडियो)
बता दें कि चिंटू सिंह और उनका गुट रघुवर दास का करीबी माना जाता है और जोगिंदर सिंह जोगी की पूरी टीम सरयू राय के करीबी है. यहीं वजह है कि यहां टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. इस घटना की सूचना मिलने के बाद सुरेंद्र शर्मा के समर्थन में भी कांग्रेस के जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष विजय खां भी पहुंचे और इस तरह के विवाद को समाप्त करने की अपील की और कहा कि इस तरह मंदिर निर्माण में सारे लोग आकर सहयोग करें, लेकिन राजनीति नहीं करें.








