जमशेदपुर : बर्मामाइंस मुस्लिम बस्ती में आफताब आलम की गोली मार कर की गई हत्या के बाद पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल था. घटना के बाद पुलिस और जिला प्रशासन ने सूझ-बूझ के साथ कार्रवाई करते हुए हत्या में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया. रविवार, 16 अगस्त को आफताब आलम के आवास पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे. लोगों ने नम आंखों से आफताब आलम को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके सामाजिक कार्यों को याद किया. इस दौरान लोगों के बीच उनके प्रति गहरी सहानुभूति और भावुकता देखने को मिली. स्थानीय लोगों ने बताया कि आफताब आलम हमेशा गलत चीजों के खिलाफ आवाज उठाते थे और जरूरतमंद लोगों की मदद में आगे रहते थे. लोगों ने उन्हें गरीबों का मसीहा बताते हुए कहा कि उन्होंने कई परिवारों की जरूरत में मदद की. किसी के घर राशन की जरूरत हो या किसी गरीब परिवार की बेटी की शादी, आफताब अपनी क्षमता के अनुसार मदद करने के लिए हमेशा आगे रहते थे. (नीचे भी पढ़ें)

श्रद्धांजलि सभा में मौजूद लोगों ने कहा कि आफताब आलम का इस तरह चले जाना पूरे इलाके के लिए बड़ी क्षति है. लोगों ने मांग की कि हत्या में शामिल सभी दोषियों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो. आफताब को श्रद्धांजलि देने के लिए सिर्फ बर्मामाइंस मुस्लिम बस्ती के लोग ही नहीं, बल्कि मानगो, डिमना, जाकिरनगर, पोखारी और मकदमपुर समेत आसपास के कई इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. सभी ने आफताब आलम के सामाजिक योगदान को याद करते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की. इस दौरान लोगों ने पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए की गई कार्रवाई की सराहना भी की. लोगों का कहना था कि अब उनकी उम्मीद है कि मामले में पुलिस निष्पक्ष जांच पूरी कर सभी दोषियों को अदालत के माध्यम से कड़ी सजा दिलाएगी.




