जमशेदपुर : जमशेदपुर के गोलमुरी स्थित केबुल कंपनी (इंकैब) के कर्मचारियों के बैंक एकाउंट में एक एक रुपये ट्रांसफर कर दिया गया है. इस मामले के आने के बाद कर्मचारियों में बेचैनी देखी जा रही है. इस मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता और जमशेदपुर पूर्वी से विधानसभा चुनाव लड़ चुके शिवशंकर सिंह ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाया है. शिव शंकर सिंह ने संवाददाता सम्मेलन कर बताया है कि स्थानीय केबुल कंपनी के सम्बन्ध में वर्तमान में चल रहे गतिविधि और कर्मचारियों में डर और असमंजस का माहौल है. शिवशंकर सिंह ने कहा कि कल कर्मचारियों के बैंक अकाउंट में बिना किसी जानकारी और बिना किसी लिखित सूचना के एक रुपया भेजा गया, जो किसी कर्मचारी के समझ से परे है. लोग समझ नहीं पा रहे कि कंपनी ने ऐसा क्यों किया. कर्मचारियों को ऐसा लगता है कि आगे अकाउंट में बिना सहमति के कुछ पैसा कंपनी भेज देगी. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का कहना है कि यदि वेदांता ने कंपनी का अधिग्रहण किया है, तो वो इसे कर्मचारियों को विश्वास में लेते हुए इसका उत्पादन शुरू करें. इसको लेकर केवल कर्मचारी ही नहीं अपितु शहर के सभी लोग इसका अभिनन्दन करेंगे. शिवशंकर सिंह ने कहा कि कई मद में कर्मचारियों का बकाया है. पीएफ, ग्रेच्युटी को लेकर कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति है और उनकी उत्सुकता है जिसका जवाब उन्हें नहीं मिल रहा है और वे असहाय महसूस कर रहे हैं. जो कार्यरत कर्मचारी है, उनका कहना है कि उन्हें नौकड़ी पर बुलाया जाए या उनके पुत्र या पुत्री को बुलाया जाए. इसका जवाब उनको कहीं से नहीं मिल रहा है. (नीचे भी पढ़ें)
शिवशंकर सिंह ने कहा कि जो कर्मचारी कंपनी के खुलने का इंतजार करते करते सेवानिवृत हो गए, अपने जीवन को कष्ट में जिया, परिवार कष्ट में रहा, कितने बच्चे की पढाई छूट गई, परिवार के कुछ लोगों को बाहर भेजना पड़ा. उनका कहना है कि कंपनी जब से बंद हुई तब से उनकी जितनी भी बकाया राशि है उसे शत प्रतिशत ब्याज के साथ जोड़ कर दिया जाये. कर्मचारियों का यह कहना है कि यदि इन शर्तों पर यदि कंपनी अमल नहीं करती तो कर्मचारी और उनके परिवार आंदोलन करने पर मजबूर होंगे. कर्मचारियों ने यह भी कहा कि जब तक यह बात नहीं होती तब तक इस क्षेत्र में जितने भी घर हैं, क्लब है, मैदान हैं या वैसी संरचना जिसको लोगों ने गरीबी में रहते हुए भी बचाये रखा उसे कंपनी न छुए. (नीचे भी पढ़ें)
पहले बात करें, सहमति हो, सारे बिंदुओं को माने, उसके बाद ही इन क्षेत्रों में आगे बढ़े. शिवशंकर सिंह ने कहा कि इन विषयों पर अब केवल केबुल ही नहीं अपितु पूरे जमशेदपुर के लोगों की नजर है. सभी लोगों ने केबुलवासियों के जीवन के संघर्ष को देखा है इसलिए वे भी मानसिक और शारीरिक रूप से यहां के लोगों के साथ खड़े हैं. इन लोगों ने नये प्रबंधन से आग्रह किया है कि कर्मचारियों के साथ बैठें और आपसी सहमति से अविलम्ब समाधान करें.






