
Jamshedpur : धातकीडीह हरिजन बस्ती स्थित बैजू मंदिर के समीप टिस्को निबंधित दलित कर्मचारी पुत्रों की एक आपातकालीन बैठक कोविड-19 के दिशा-निर्देश का अनुपालन करते हुए हुई. टिस्को निबंधित दलित कर्मचारी पुत्र चैतन मुखी ने बैठक की अध्यक्षता की. उन्होंने कहा कि जब से कंपनी की स्थापना हुई है तब से लेकर आज तक हमारे लोगों ने सफाई कर्मचारी के रूप में हेल्थ विभाग में रात दिन काम कर कंपनी में सेवा दी है. टिस्को निबंधित दलित कर्मचारी पुत्र एवं पुत्रियो का जिनका भी रजिस्ट्रेशन हुआ है, उनको आजतक तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है और कुछ लोग ऐसे हैं जो अनपढ़ या साक्षर हैं उनको पढ़ा लिखा नहीं होने का बहाना देकर नौकरी नहीं दी गयी. जबकि कंपनी अपने हेल्थ विभाग में रखकर हमारे ही लोगों को ठेका मजदूर के रूप में साफ-सफाई का काम करवा रही है.
उन्होंने कहा कि सफाई का काम एक परमानेंट नेचर ऑफ जॉब है. जब भी हमारे लोग रजिस्ट्रेशन को लेकर बातचीत करने गए हैं तो उनको अनपढ़ बताकर नौकरी नहीं दी गयी है. बैठक में चैतन मुखी ने सवाल उठाया कि इस वैश्विक कोरोना काल में कौन से लोग सफाई के कार्य में आगे आए हैं. क्या वह पढ़े लिखे थे या अनपढ़? जबकि हमारे लोग चाहे अस्पताल हो या कंपनी के अंदर साफ-सफाई का कार्य हो या जमशेदपुर शहर के किसी भी कोने की साफ-सफाई का काम हो, उन्होंने सभी जगह युद्ध स्तर पर कार्य किया है. आज वैश्विक कोरोना काल में भुखमरी, बेरोजगारी एवं महंगाई के समय इसे और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. बैठक में रंजीत दास, सूरज मुखी, निराला मुखी, रामनाथ मुखी, बड़ा बाबू, पीटेन (अमबेचरण मुखी) व अन्य लोग उपस्थित थे.







