
जमशेदपुर : कभी मिनी बस को जमशेदपुर का लाइफलाइन माना जाता था. मगर पिछले कुछ सालों से सड़कों पर ऑटो और निजी वाहनों की भीड़ ने मिनी बस संचालकों की कमर तोड़ दी है. पिछले 1 साल से जिस तरह वैश्विक महामारी का दौर चल रहा है, इसमें शहर के मिनी बस संचालक से लेकर इसके रोजगार से जुड़े लोग पूरी तरह से टूट चुके हैं, और भुखमरी के कगार पर जा पहुंचे हैं. इन्हें ना तो सरकार की ओर से कोई सहायता मिल रही है, ना ही प्रशासनिक स्तर पर इनके उद्धार के लिए कोई कार्य योजना बन रही है. आलम ये है, कि कभी जमशेदपुर का लाइफ लाइन कही जाने वाली मिनी बस सर्विस अब धराशायी हो चुकी है. मिनी बस संचालकों का कहना है, कि अगर यही हाल रहा तो वह दिन दूर नहीं जब मिनी बस के धंधे से जुड़े मालिकों और कर्मचारियों को भूखे मरना पड़े.




