
जमशेदपुर : जनता द्वारा, जनता के लिए और जनता की, यह लोकतंत्र की आवाज है, जो अमूमन सरकार और सरकारी महकमा के लिए बोला जाता है, लेकिन जमशेदपुर के सरकार ऑफिसरों के पास जनता के लिए बिलकुल ही समय नहीं है. वे लोग काफी व्यस्त है. झारखंड में निजाम बदल चुका है. झामुमो के हेमंत सोरेन की सरकार चल रही है.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और खुद मुख्य सचिव ने सबको कहा है कि वे लोग जनता दरबार लगाये, लेकिन हालात यह है कि मंगलवार और शुक्रवार को जनता दरबार का दिन होने के बावजूद ऑफिसर ड्यूटी पर नहीं रहते है. जमशेदपुर के प्रखंड कार्यालय में हर सप्ताह लगने वाले जनता दरबार का जायजा लेने के लिए www.sharpbharat.com की टीम पहुंची तो पाया कि एक भी ऑफिसर ड्यूटी पर ही नहीं थे.

सुबह दस बजे से शुक्रवार को जनता दरबार लगना था, लेकिन दोपहर के एक बजे तक कोई ऑफिसर नहीं आये थे. यहां हरेक विभाग का अलग-अलग स्टॉल भी लगाया गया है, लेकिन कोई अधिकारी नहीं थे. ना बीडीओ थे, ना ही सीओ थे. कोई पूछने वाला भी नहीं था. जनता आ रही थी, जनता लौट रही थी. जनता के लिए सरकार काम भी कर रही है या नहीं, इसको लेकर खुद जनता ही सवाल उठा रहे थे.
वैसे इस न्यूज को जारी करने के पीछे मंशा है कि व्यवस्था को बदलना. व्यवस्था किस तरह नयी सरकार में भी शुरू हो चुकी है, यह दिखाना है. कहां सुधार की जरूरत है, यह सरकार को ही देखना है ताकि जनता से, जनता द्वारा और जनता के लिए की लोकतांत्रिक व्यवस्था कारगर साबित हो सके.






