जमशेदपुर : जुगसलाई नगर परिषद क्षेत्र में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक, नसबंदी, टीकाकरण अभियान एवं डॉग कैचिंग टीम के गठन को लेकर पार्षदों ने एक ज्ञापन सौंपा. वार्ड पार्षद नंबर 7 के जुगसलाई नगर परिषद सदस्य राहुल हुसैन और जीशान हुसैन ने ज्ञापन में बताया कि 5 हजार से अधिक आवारा कुत्ते हैं और उनकी आबादी बेकाबू ढंग से बढ़ रही है. इन कुत्तों की वजह से इलाके में छोटे बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और आम नागरिकों का सड़कों पर चलना बहुत मुश्किल हो गया है. कुत्तों द्वारा मासूम लोगों और नागरिकों को काटने की दुखद घटनाएं अक्सर हो रही हैं. हाल ही में जुगसलाई में, एक आवारा कुत्ते ने एक युवा लड़की को इतनी बुरी तरह से काट लिया कि तीन-चार घंटे के गहन इलाज के बाद ही उसकी जान बचाई जा सकी. इसके अतिरिक्त, दिन हो या रात, आवारा कुत्तों के झुंड दोपहिया वाहन चालकों के पीछे दौड़ते हैं, जिससे घबराकर चालक दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं. उन्होंने बताया कि वह पिछले पांच सालों से इस कुत्ते से जुड़ी बढ़ती हुई, समस्या को सुलझाने की लगातार कोशिश कर रहा हैं. (नीचे भी पढ़ें)
इस मामले में उपायुक्त जमशेदपुर समेत वरिष्ठ अधिकारियों को पहले ही ज्ञापन दिया. सुप्रीम कोर्ट ने एनिमल बर्थ कंट्रोल रुल्स 2023 को लागू करने का निर्देश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2026 में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को प्रत्येक जिले एवं नगर परिषद क्षेत्र में कम से कम एक पशु जन्म नियंत्रण केंद्र स्थापित करने का सख्त निर्देश दिया है. जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमिटी (जेएनएसी) ने आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण के लिए गाड़ियां या वैन खरीदी हैं और इस काम के लिए एक कॉन्ट्रैक्टर (एजेंसी) को नियुक्त किया है, जिससे कुत्तों की आबादी और उनके काटने की घटनाओं में कमी आई है. जुगसलाई नगर परिषद इलाके में भी ऐसी ही व्यवस्था लागू की जानी चाहिए. यह सुविधा टाटा स्टील लीज लैंड एरिया वाले इलाके में पहले से ही मौजूद है. जुगसलाई नगर परिषद् का क्षेत्र ही एकमात्र ऐसा क्षेत्र है जहां आवारा कुत्तों को पकड़ने की सुविधा नहीं है. इस कारण यहां भी व्यवस्था को करने की जरूरत है.




