जमशेदपुर : जमशेदपुर के जुगसलाई नगरपालिका कॉम्प्लेक्स स्थित यूनिक कलेक्शन दुकान में हुई अंधाधुंध फायरिंग मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गयी कार को बरामद कर लिया है. साथ ही घटना में संलिप्त राहुल सिंह उर्फ अंतिम पाई और कार मालिक नामता को गिरफ्तार कर लिया गया है. हालांकि, मामले का मुख्य आरोपी सन्नी सरदार और उसका एक अन्य साथी अब भी फरार हैं. उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी सन्नी सरदार, घाघीडीह जेल में बंद जुगसलाई के कुख्यात अपराधी मनीष सिंह गिरोह का सक्रिय सदस्य है. सूत्रों के अनुसार, जेल में बंद मनीष सिंह और उसके गुर्गे जुगसलाई तथा आसपास के क्षेत्रों के कारोबारियों को डरा-धमकाकर रंगदारी वसूलने का प्रयास कर रहे थे. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सन्नी सरदार का आपराधिक इतिहास भी रहा है. वह सोनारी के चर्चित टिंकू साव हत्याकांड और जुगसलाई में दीपक नामक युवक पर हुई फायरिंग की घटना में भी आरोपी रह चुका है. (नीचे भी पढ़ें)
गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर रविवार को पुलिस की विशेष टीम ने शहर के कई संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की. पुलिस को तकनीकी इनपुट मिले हैं कि सन्नी सरदार गिरफ्तारी से बचने के लिए पश्चिम बंगाल भाग गया है. उसकी तलाश में जमशेदपुर पुलिस की एक विशेष टीम पश्चिम बंगाल रवाना हो चुकी है. इसके अलावा पुलिस कुछ अन्य संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. इधर, यूनिक कलेक्शन के संचालक विनेश बेरिया उर्फ चीकू ने जुगसलाई थाना में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है. रंगदारी की मांग और जानलेवा हमले के बाद से व्यवसायी और उनका परिवार दहशत में है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे गिरोह का खुलासा किया जाएगा.






