जमशेदपुर : यूजीसी को लेकर जमशेदपुर में करनी सेना का जोरदार विरोध उपायुक्त कार्यालय के समक्ष किया गया. क्षत्रिय करणी सेना ने इन नियमों को संविधान विरोधी बताते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजकर इसे तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की है. (नीचे भी पढे़ं)

करणी सेना के झारखंड प्रदेश सचिव कमलेश सिंह के नेतृत्व में भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि जनवरी 2026 में लागू किए गए ये नियम संविधान में प्रदत्त समानता के मूल अधिकारों का उल्लंघन करते हैं. संगठन का आरोप है कि यह नियम समान अवसर के सिद्धांत को कमजोर करता है और सामान्य वर्ग के छात्रों के अधिकारों की पूरी तरह अनदेखी करता है. (नीचे भी पढे़ं)
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 के तहत सभी नागरिकों को समानता का अधिकार प्राप्त है, लेकिन यूजीसी सामाजिक संतुलन को बिगाड़ने का काम कर रहा है. करणी सेना का कहना है कि किसी भी नीति या कानून का उद्देश्य सभी वर्गों के लिए न्याय सुनिश्चित करना होना चाहिए, न कि किसी एक वर्ग के पक्ष में असंतुलन पैदा करना. (नीचे भी पढे़ं)
संगठन ने मांग की है कि सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए व्यापक विचार-विमर्श के बाद एक संतुलित और संविधान-सम्मत नीति बनाई जाए. वहीं, इस मुद्दे को लेकर राज्य में आगे भी सभी स्वर्ण समाज को लेकर आंदोलन तेज करने की जायेगी. (नीचे भी पढे़ं)
मौके पर मौजूद कमलेश सिंह, संजय सिंह, हरि सिंह राजपूत, मोहित सिंह, रंजन सिंह, बलराम सिंह, चन्द्रशेखर सिंह, लवकेश सिंह, राधेशयाम सिंह, संजय सिंह, उदय सिंह, मनोज सिंह, अशोक सिंह, शंभु सिंह, कृष्णा सिंह, पवन सिंह, भानु सिंह, आशुतोष सिंह, अंकित सिंह, आशीष सिंह, विकास सिंह, श्रवण सिंह, अभिषेक सिंह समेत अन्य लोग मौजूद थे.



