जमशेदपुर : जमशेदपुर के बिष्टुपुर सीएच एरिया निवासी कारोबारी देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी के अपहरण मामले में पुलिस ने अपने विरोध में उठने वाले स्वर को अपनी कार्रवाई से करारा जवाब दिया है. जमशेदपुर पुलिस की टीम ने इस मामले में कुल 8 अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार किया है. उनके पास से पुलिस ने पांच पिस्तौल, दो स्कार्पियों और बड़ी संख्या में गोलियों को बरामद किया है. पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बिहार और झारखंड से यह गिरफ्तारियां की गयी है, जिसमें जमशेदपुर के दो अपराधी, गयाजी के दो अपराधी, नालंदा के एक और बरही के तीन अपराधी शामिल है. इन लोगों ने ही अपहरणकांड को अंजाम दिया था. इन लोगों ने पुलिस के समक्ष अपने द्वारा अपहरण करने की बात को स्वीकार किया है. इस मामले का खुलासा पुलिस जल्द करेगी. इस मामले में गिरफ्तार लोगों में गयाजी के उपेंद्र सिंह और अर्जुन सिंह है जबकि नालंदा के अतुल सिंह शामिल है. बताया जाता है कि इस मामले में औरंगाबाद और पलामू में दबिश दी गयी है, जहां से और अपराधियों की तलाश की जा रही है. (नीचे भी पढ़ें)
इस गैंग के सरगना की तलाश में छापामारी की जा रही है. गयाजी से गैंग के सरगना को गिरफ्तार करने के लिए घेराबंदी की गयी है. 13 जनवरी को जमशेदपुर के कदमा सोनारी लिंक रोड से कैरव गांधी का अपहरण किया गया था. 27 जनवरी को कैरव गांधी को बरामद किया गया था. बताया जाता है कि अपहरण के बाद से कैरव गांधई को गयाजी, नालंदा, पलामू समेत अन्य इलाके में छिपाकर रखा गया था. बताया जाता है कि पुलिस ने फिरौती के लिए आये फोन से ही अपराधियों की पहचान शुरू कर दी, जो कैरव गांधी के पिता और चाचा को आया था. इसी फोन कॉल से ट्रेस किया गया है और अपहरणकर्ताओं तक पुलिस पहुंच पायी है. बताया जाता है कि करीब दस दिनों से कैरव गांधी का अपहरण करने के लिए अपहरणकर्ता शहर में थे और लगातार उसकी रेकी कर रहे थे. इसके बाद 13 जनवरी को कैरव गांधी का अपहरण सोनारी कदमा लिंक रोड से किया गया. पहले इन लोगों ने अपने को पुलिस बताया, जिसके बाद उसको अपने कब्जे में लिया और फिर बैठाकर लेकर चले गये.



