
जमशेदपुरः कोल्हान डीआईजी राजीव रंजन सिंह के ट्रांसफर होने के बाद गुरुवार को उन्होंने एसएसपी कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान उपलब्धि के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि कोल्हान को नक्सल और नशा मुक्त करना पहली प्राथमिकता रही, जमशेदपुर को अपराध मुक्त करना. उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल के 14 माह के दौरान कोविड के बावजूद पुलिस कर्मियों ने काफी सराहनीय काम किया है. संगठित अपराध के बारे में उन्होंने कहा कि संगठित अपराध को खत्म करने के लिए व्यवसायिक वर्ग को आगे आने की जरूरत है ताकि इसे जड़ से खत्म किया जा सके. उन्होंने कहा कि नक्सल को खत्म करने के लिए पुलिस को ग्रामीणों के साथ समन्वय स्थापित करने के आवश्यकता है. साथ ही रूरल डेवलपमेंट की भी आवश्यकता है.
ग्रामीण इलाको में डेवलपमेंट नही होने के कारण नक्सलियों को बढ़ावा मिलता है. इस बीच उन्होंने नशे के खिलाफ बनाए गए टास्क फोर्स को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया. वहीं सुधीर दुबे को पकड़ने वाली टीम को भी सम्मानित किया गया है. अंत में उन्होंने सिटी एसपी सुभाष चंद्र जाट और एएसपी कुमार गौरव के काम की तारिफ की ओर उनके अच्छे भविष्य की कामना भी की.
26 जून से 8 जुलाई तक नशे को लेकर चलाए गए अभियान में 5 गिरफ्तार
डीआईजी राजीव रंजन सिंह ने नशे के खिलाफ अभियान चलाया है. 26 जून को अभियान की शुरुआत से ही 8 जुलाई तक पांच किलो गांजा, 197 पुड़िया ब्राउन शुगर के साथ पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया. टीम को उनकी ओर से प्रशस्ति पत्र के अलावा पुरस्कार राशि दी गई. वहीं गैंगस्टर सुधीर दुबे को पकड़ने के लिए इंस्पेक्टर अंजनी कुमार और एसआई गौरव कुमार को भी सम्मानित किया गया.




