
जमशेदपुर : जमशेदपुर में कोरोना वायरस को लेकर किये गये लॉक डाउन का असर देखने को तो मिल रहा है, लेकिन लोग समझ नहीं रहे है कि यह सामान्य तौर पर हेलमेट चेकिंग या कर्फ्यू जैसा मामला नहीं है. यह बीमारी का मामला है. अगर आप निकलेंगे तो आप बीमार पड़ेंगे, आपके परिवार बीमार पड़ेंगे, जिससे सीधे मौत होनी है, जिसका इलाज तक नहीं है. आप घर में ही रहेंगे, सफाई से घर में रहेंगे तो कोई दिक्कत नहीं होगी.
बीमारी नहीं फैलेगी. लोगों को इतना सूचनाएं देने, मीडिया से दी जा रही जानकारी, 24 घंटे न्यूज चैनल, वेबसाइट और अखबारों के माध्यम से लोगों को जानकारी दी जा रही है, लेकिन लोग समझ नहीं रहे है. शुक्रवार को भी लोग सड़कों पर निकल गये. कोरोना वायरस को लेकर लॉक डाउन करने का उद्देश्य यहीं है कि सामुदायिक तौर पर किसी तरह तक फैलाव रोका जाये, लेकिन पुलिस के साथ आंख मिचौनी कर रही है.
इसको लेकर इतना ज्यादा सख्ती बरतने की स्थिति जनता ही पैदा कर रही है. जनता खुद से घरों में रुक जाये. ऐसे ऐसे बहाने बनाकर लोग घरों से बाहर निकल रहे है कि कुछ कहा नहीं जा सकता है. इसको लेकर प्रशासन की ओर से सख्ती बरतना मजबूरी हो जा रही है. वैसे मानगो, साकची, बिष्टुपुर समेत सभी इलाके में काफी सख्ती बरतकर लोगों को रोका गया.

इस दौरान पुलिस ने कई जगहों पर लोगों को उठा बैठक भी कराया जबकि उनकी पिटाई भी कर दी. लोग समझे कि उनको घर में ही रहना है, लेकिन लोग समझने को तैयार नहीं है. कोरोना वायरस को लेकर देशभर में लॉकडाउन है. वैसे अब धीरे-धीरे इसका असर जमशेदपुर की सड़कों पर दिखने लगा है. हालांकि एसएसपी अनूप बिरथरे ने अपने जवानों को कड़ा निर्देश देते हुए पहले अपने आप को सुरक्षित रहने और उसके बाद सड़क पर निकलने वाले लोगों पर सख्ती से निपटने का आदेश दिया है.

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आदेश का असर लौह नगरी पर नहीं दिख रहा है. लोग सड़कों पर निकल रहे हैं लेकिन अब धीरे-धीरे प्रशासन सख्त होता जा रहा है. उधर एसएसपी ने अपने जवानों को यह निर्देश दिया है कि बिना काम के सड़क पर घूमने वाले या कानून का पालन नहीं करने वाले लोगों पर कानूनी कार्रवाई करते हुए सख्ती से निपटे ताकि, कोरोना वायरस जैसे महामारी से देश को बचाया सके. साथ ही लोगों से अपील भी की है कि अपने घरों में रहे. जरूरत का सामान आप तक पहुंच जाएगी.








