जमशेदपुर : जमशेदपुर में एक बार फिर तीन तलाक का मामला सामने आया है, जहां शिकायत के बाद पुलिस ना तो पीड़िता की शिकायत पर कार्रवाई कर रही है और ना ही पुलिस द्वारा पीड़िता को जवाब दिया जा रहा है. आलम यह है कि अनुसंधान पदाधिकारी ने पीड़िता का नंबर ब्लॉक कर रखा है. पीड़िता न्याय के लिए दर-दर भटक रही है. दो साल पहले पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले की रहने वाली आमबिया मंडल की जमशेदपुर के टेल्को कॉलोनी निवासी असीम खान से फेसबुक पर दोस्ती हुई थी. उसके बाद दोनों में बात हुई और दोनों एक दूसरे को प्यार करने लगे. कुछ महीनों बाद असीम उसे शादी के लिए भगा कर जमशेदपुर ले आया. यहां धातकीडीह में दोनों ने शादी भी कर ली. शादी के बाद दोनों टेल्को के बारीनगर में एक किराये के मकान में रहने लगे. (नीचे भी पढ़ें)
कुछ दिनों तक साथ रहने के बाद असीम की मां रहीमा बीबी, पिता कलीम खान, बहन नजमा बीबी, भाई नजीम खान और जीजा मुस्तकीम उनके घर आए और मारपीट करने लगे. सभी ने कहा कि पांच लाख रुपये लाओ तभी असीम के साथ रहने देंगे. इसमें असीम भी साथ देने लगा. 29 नवंबर को असीम ने उसके साथ मारपीट की और रुपये की मांग करने लगा. 30 नवंबर को वह अपने मायके वापस चली गई. मायके वालों ने भी रुपये नहीं दिया, तो उसने इसकी जानकारी असीम को दी. असीम ने रुपये नहीं मिलने की जानकारी पर उसके साथ गाली-गलौज की और फोन पर ही तीन तलाक दे दिया. जब वह 2 दिसंबर को वापस शहर पहुंची तो उसे पता चला कि उसके पति असीम ने किराये का मकान खाली कर दिया है और अपने परिजनों के पास रहता है. अब उसके ससुराल वाले उसे अपने साथ नहीं रख रहे हैं. उसने बताया कि 5 दिसंबर को टेल्को थाना में मामला दर्ज करवाया था, पर केस के अनुसंधान पदाधिकारी एसआई मृणाल कुमार ने उसका नंबर ब्लॉक कर रखा है. अनुसंधान पदाधिकारी ने पीड़िता को कहा है कि जब तक ऊपर से ऑर्डर नहीं आता, तब तक आगे की कार्रवाई नहीं की जाएगी.







