जमशेदपुर : जमशेदपुर के डिमना स्थित एमजीएम अस्पताल की गायनिक ओपीडी के बाहर शनिवार को मरीज के परिजनों और अस्पताल की एक महिला कर्मचारी के बीच विवाद हो गया. विवाद के बाद अस्पताल के दूसरे तल्ले पर करीब आधे घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मरीज के परिजनों ने महिला कर्मचारी पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए विरोध शुरू कर दिया. सूचना मिलने पर अस्पताल के सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया. इस दौरान एक महिला द्वारा मोबाइल से वीडियो बनाए जाने पर सुरक्षा कर्मियों ने आपत्ति जताई. बाद में सुरक्षाकर्मी परिजनों को अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ नारायण उरांव के पास ले गए. डॉ उरांव ने परिजनों से वीडियो नहीं बनाने तथा मरीज के इलाज पर ध्यान देने की अपील करते हुए मामले को शांत कराया. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल की एक महिला कर्मचारी ने मरीज के साथ आए युवक को धक्का दिया और सार्वजनिक रूप से उसे नशे में होने का आरोप लगाकर अपमानित किया. (नीचे भी पढ़ें)
वहीं, संबंधित महिला कर्मचारी ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि ओपीडी में अत्यधिक भीड़ होने के कारण वह अकेले व्यवस्था संभाल रही थीं. उनके अनुसार, संबंधित युवक को कतार में आने के लिए कहा गया था, लेकिन वह हंगामा करने लगा और वीडियो बनाकर दबाव बनाने का प्रयास किया. कर्मचारी ने यह भी कहा कि गायनिक ओपीडी में पुरुष परिजनों के प्रवेश पर प्रतिबंध है, इसके बावजूद बिना कतार के काम कराने का दबाव बनाया जा रहा था, जो अस्पताल के नियमों के विरुद्ध है. (नीचे भी पढ़ें)
गौरतलब है कि दो दिन पहले भी एमजीएम अस्पताल के दूसरे तल्ले स्थित गायनिक ओटी में एक महिला चिकित्सक और मरीज के परिजन के बीच विवाद का मामला सामने आया था, जिसके बाद भी हंगामा हुआ था और सुरक्षा कर्मियों को हस्तक्षेप करना पड़ा था. लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से अस्पताल की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं. हालांकि, मौजूदा मामले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं और घटना के संबंध में अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.






