जमशेदपुर : जमशेदपुर के मानगो डिमना स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लिफ्ट में लोगों के फंसने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. बुधवार सुबह दवा लेकर लौट रहे मरीज के परिजन समेत पांच लोग लिफ्ट में करीब ढाई घंटे तक फंसे रहे. पहली मंजिल पर पहुंचते ही लिफ्ट अचानक बंद हो गई. करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद सुबह साढ़े आठ बजे सभी को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका. घोड़ाबांधा निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि उनके पिता मेडिसिन वार्ड में भर्ती हैं. (नीचे देखे पूरी खबर)

वह बुधवार सुबह करीब छह बजे चौथी मंजिल से दवा लेने नीचे आए थे. दवा लेकर वापस वार्ड जाने के दौरान पहली मंजिल पर पहुंचते ही लिफ्ट अचानक रुक गई. उस समय लिफ्ट में उनके साथ चार अन्य लोग भी मौजूद थे. उन्होंने बताया कि करीब सात बजे होमगार्ड जवानों को लिफ्ट में लोगों के फंसे होने की जानकारी मिली. इसके बाद जवानों ने उन्हें बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया. करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद सुबह साढ़े आठ बजे सभी को लिफ्ट से बाहर निकाला जा सका. बाहर निकलने के बाद सभी ने राहत की सांस ली. घटना से डरे मरीज के परिजन ने कहा कि अब वह कभी लिफ्ट में नहीं चढ़ेंगे, चाहे कितनी भी जरूरत क्यों न हो. उन्होंने कहा कि अस्पताल की लिफ्टों की स्थिति चिंताजनक है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. गनीमत रही कि उस समय लिफ्ट में कोई मरीज नहीं था, अन्यथा स्थिति और गंभीर हो सकती थी. अस्पताल में बार-बार लिफ्ट खराब होने और लोगों के फंसने की घटनाओं से मरीजों व उनके परिजनों की चिंता बढ़ रही है. लोगों ने अस्पताल प्रबंधन से सभी लिफ्टों की तत्काल तकनीकी जांच कराने और नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने की मांग की है. इधर, घटना की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने टेक्नीशियन को बुलाकर लिफ्ट की मरम्मत कराई, जिसे दोपहर तक दुरुस्त कर दिया गया. वहीं, पिछले कुछ दिनों से एमजीएम मेडिकल कॉलेज के एक हॉस्टल में खराब पड़ी लिफ्ट की भी मरम्मत करा दी गई है.




