जमशेदपुर : जमशेदपुर के मिथिला सांस्कृतिक परिषद का दो दिवसीय विद्यापति स्मृति पर्व समारोह का आयोजन बिष्टुपुर गोपाल मैदान में शुरुआत हुई. सांस्कृतिक कार्यक्रम से पूर्व गोसाउनिक गीत भगवती वंदना के साथ प्रारंभ किया गया. विद्यापति के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय, उद्यमी उषा रानी झा, समाजसेवी विकास सिंह, समाजसेवी शिव शंकर सिंह ने सामूहिक रूप से अतिथियों द्वारा किया गया. (नीचे भी पढ़ें)

समारोह के मुख्य अतिथि सह उद्घाटन कर्ता जमशेदपुर पश्चिम विधान सभा सदस्य सरयू राय ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यापति शैव हैं या वैष्णव हैं जबकि शिव के साथ रहना और ग्रथों में वैष्णव गीतों का भ्रमार है. विद्यापति गीतों में पर्यावरण स्तुति प्रमुख है. धरती की रक्षा कैसे हो, हवा कैसे स्वच्छ हो, जलवायु कैसे सुरक्षित हो झारखण्ड में भोजपुरी, मगही, मैथिली को अपनी संस्कृति को बचाने के लिए वर्तमान शासनकाल में संघर्ष करते रहना होगा. शासन संविधान से चलता है. संविधान से अलग कुछ भी संभव नहीं है. इसके लिए हर वक़्त तैयार रहना होगा और अपनी संस्कृति और सभ्यता को बचाने के लिए न्यायालय का शरण लेना होगा तो लेगें. (नीचे भी पढ़ें)

सांस्कृतिक समारोह में दिव्य रत्न ने मोरा रे अंगनवा चानन के र गछिया, बड दूर काशी नगरिया भाव नृत्य विधा पति नृत्य वरुण झा के नेतृत्व में प्रस्तुति की गई. स्वस्तिवाचन पं विपिन कुमार झा ने किया. मंच संचालन राजेश कुमार झा ने किया. स्वागत भाषण अनिल कुमार झा ने किया. अध्यक्षीय उदबोधन मोहन ठाकुर ने किया. महासचिव का प्रतिवेदन धर्मेश कुमार झा ने प्रस्तुत किया. (नीचे भी पढ़ें)

मांग पत्र शिव चन्द्र झा ने पढ़ा, जो झारखंड सरकार और केन्द्र सरकार से की गयी. अंत में धन्यवाद ज्ञापन अमर कुमार झा ने किया. उक्त जानकारी प्रेस प्रभारी प्रमोद कुमार झा ने दिया. आनंद मेला का उदघाटन उधमी उषा रानी झा ने किया. मिथिला महिला के द्वारा मिथिला ओ विभिन्न व्यंजन के साथ बीस स्टाल लगाया गया है.



