जमशेदपुर : जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने अपने खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने पर सोमवार को पेसबुक लाइव में दो टूक कहा कि वह मुकदमों से डरने वाले नहीं हैं. जमानत के लिए न तो थाने जाएंगे और न ही किसी तरह की पैरवी या सिफारिश करेंगे। प्राथमिकी में जो होगा, उसका सामना करेंगे. फेसबुक लाइव में सरयू राय ने कहा कि मुर्दा मैदान से कचरा हटाने के लिए उन्होंने नगर निगम को एक सप्ताह की मोहलत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. जब कचरा नगर निगम कार्यालय के सामने डाला गया, तो महज 10 मिनट के भीतर अधिकारी और कर्मचारी पहुंच गए और कचरे का निस्तारण कर दिया. सवाल यह है कि निगम ने इतनी तत्परता पहले क्यों नहीं दिखाई? अगर निगम पहले ही इतनी तत्परता दिखाता, तो कचरा कार्यालय के सामने डालने की जरूरत ही नहीं पड़ती. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने पूरे मानगो में कचरा उठाव की खराब स्थिति पर चिंता जताते हुए निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाए. उन्होंने मानगो में कचरा उठाव की बदहाली, पेयजल संकट, सड़कों के गड्ढों, फ्लाईओवर निर्माण से हो रही परेशानी और निगम के कामकाज में अनियमितताओं को लेकर भी तीखा हमला बोला. सरयू राय ने कहा कि अखबारों में उन्होंने पढ़ा कि कचरा डालने के मामले में उलीडीह में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले में भ्रम फैलाया गया कि मुर्दा मैदान का कचरा नगर निगम कार्यालय में डाल दिया गया। विधायक ने स्पष्ट किया कि मुकदमे और कार्रवाई से वह पीछे हटने वाले नहीं हैं. उन्होंने कहा कि वह किसी तरह की पैरवी या सिफारिश नहीं करेंगे और प्राथमिकी के अनुसार जो भी होगा, उसका सामना करेंगे. मानगो में सफाई और जनसुविधाओं की स्थिति सुधारने के लिए उनका अभियान जारी रहेगा. (नीचे भी पढ़ें)
सरयू राय ने कहा कि मानगो में पेयजल का संकट अब गंभीर हो गया है. लोगों को घरों में पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है और नवरात्र के दौरान भी कई मोहल्लों में जलसंकट बना हुआ है. उन्होंने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त से हस्तक्षेप कर जलापूर्ति दुरुस्त कराने का आग्रह किया था. उनके अनुसार, विभिन्न विभागों की बैठक के बाद रविवार से पानी की आपूर्ति शुरू होने की जानकारी दी गई, लेकिन बाद में पता चला कि पंप अब भी ठीक नहीं हुए हैं और जलापूर्ति बहाल नहीं हो सकी है. विधायक ने नगर निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों पर जलापूर्ति को लेकर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि नदी से पानी खींचकर उसे साफ करने और घरों तक पहुंचाने के दावों के बावजूद लोगों को राहत नहीं मिल रही है. (नीचे भी पढ़ें)
श्री राय ने मानगो पेयजल परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि पहले उनके प्रयासों से क्षेत्र में जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाया गया था. टाटा स्टील यूआइएसएल ने 100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से परियोजना तैयार की और पाइपलाइन के जरिए घरों तक पानी पहुंचने लगा. इससे लोगों को राहत मिली और मानगो में संपत्तियों का मूल्य भी बढ़ा. 2019 से 2024 के बीच पेयजल परियोजना की स्थिति बिगड़ गई. वर्ष 2024 में दोबारा जमशेदपुर पश्चिम से विधायक बनने के बाद सरकारी आदेश पर तीन पंप खरीदे गए, लेकिन डेढ़ साल के भीतर तीनों खराब हो गए. उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है. श्री राय ने मानगो में जलसंकट के स्थायी समाधान के लिए डोबो डैम से पानी लाने का सुझाव दिया. उन्होंने विधानसभा में अपने 45 मिनट के बहस का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने तत्कालीन मंत्री से कहा था कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक पाइपलाइन बिछाकर कम खर्च में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जा सकता है लेकिन उसका कोई सार्थक परिणाम नहीं निकला. सरयू राय ने यह भी आरोप लगाया कि एमजीएम अस्पताल को होने वाली जलापूर्ति से मानगो के लोगों के हिस्से का पानी प्रभावित हो रहा है. उनके अनुसार, इससे न अस्पताल की पानी की समस्या पूरी तरह दूर हुई और न ही मानगो की जनता को पर्याप्त पानी मिल रहा है. यह एक अदूरदर्शिता वाला फैसला था, जिसका खामियाजा अस्पताल और मानगो वासी भुगत रहे हैं. (नीचे भी पढ़ें)
अपने फेसबुक लाइव में सरयू राय ने मानगो की सड़कों की बदहाली और एनएच-33 पर फ्लाईओवर निर्माण के दौरान हो रही अव्यवस्था पर भी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि पांच दिनों से बारिश नहीं होने के बावजूद सड़कों के गड्ढे नहीं भरे गए हैं. फ्लाईओवर निर्माण के कारण जाम लग रहा है और धूल से लोगों को परेशानी हो रही है. एनएचएआई मानगो से गुजरने वाले एनएच-33 पर करीब आठ किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर बना रहा है. गड्ढे भरने और धूल रोकने के लिए पानी का छिड़काव करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन दोनों काम नहीं हुए। उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मामले का संज्ञान लेने की अपील की. विधायक ने मानगो नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि नगरपालिका अधिनियम के अनुसार नगर निगम बोर्ड की हर माह एक बैठक होनी चाहिए, लेकिन लगभग आठ माह के कार्यकाल में अब तक केवल दो बैठकें हुई हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि निगम बजट और विभिन्न मदों में होने वाले खर्च का ब्योरा सामने नहीं रखना चाहता। केंद्र और राज्य सरकार से मिलने वाली राशि को पानी, सड़क और सफाई जैसी जनसुविधाओं पर निर्धारित प्रावधानों के अनुसार खर्च किया जाना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि नियमों की अनदेखी की जा रही है और लगातार टेंडर निकाले जा रहे हैं. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने कहा कि निगम के कामकाज और भ्रष्टाचार को लेकर वह आवाज उठाते रहेंगे. फेसबुक लाइव में सरयू राय ने बताया कि उन्होंने सेवानिवृत्त आईएएस (एलाइड) मनोज सिंह को सट्टेबाजी और ड्रग्स के खिलाफ अभियान का संयोजक बनाया है. उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य से एक संगठन तैयार किया गया है, जो दोनों समस्याओं के खिलाफ मुहिम चलाएगा. उन्होंने सट्टेबाजी और ड्रग्स से संबंधित कई साक्ष्यों के साथ एसएसपी को जानकारी दी है। उन्होंने पुलिस से इस मामले में कार्रवाई करने की अपील की. फेसबुक लाइव में सरयू राय ने कहा कि शहर के आपराधिक गिरोह आपस में भिड़े हुए हैं लेकिन पुलिस उन अपराधी गिरोहों का पूरी तरह सफाया नहीं कर पाई है. पुलिस के साथ जिनके रिश्ते ठीक हैं, पुलिस उनकी मदद कर रही है। जिनसे पुलिस खार खाई बैठी है, उनके खिलाफ कोई न कोई बहाना खोज कर लपेट ले रही है.





