जमशेदपुर : जमशेदपुर के सबसे चर्चित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में जमशेदपुर कोर्ट ने सारे 21 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया. जमशेदपुर कोर्ट के विशेष पोक्सो कोर्ट से 21 आरोपियों को बरी कर दिया गया. बरी किये गये आरोपियों में पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता के भाई गुड्डू गुप्ता, तत्कालीन डीएसपी अजय केरकेट्टा, तत्कालीन थाना प्रभारी इमदाद अंसारी, सोनू नैयर, लड्डून, मुन्नैन, दिनेश अग्रवाल, अमित सिंह, मुन्ना धोबी, अजित मिस्त्री उर्फ बुलेट मिस्त्री, उपेंद्र सिंह, शाहिद, अभिषेक मिश्रा (अब दिवंगत), लंगड़ा मकसूद, मनोज सहाय, गुरप्रीत सिंह, शंभू, तनुश्री नायक व अन्य शामिल हैं. बचाव पक्ष से अदालत में अधिवक्ता गौरव पाठक, प्रमोद सिंह बुंदेला और संजय मुखर्जी ने आरोपियों की पैरवी की, जिसमें बचाव में कई सारे दलीले रखी गयी, जिसके बाद अदालत ने सारे आरोपियों को दोष साबित नहीं होने के कारण बरी कर दिया. (नीचे भी पढ़ें)
इस मामले में दो आरोपी शाहिद और मकसूद अब तक फरार है. उनको अलग कर केस की सुनवाई पूरी हुई और सारे आरोपियों को बरी कर दिया गया. गौरतलब है कि जमशेदपुर के मानगो थाना में सनसनीखेज मामला 18 जनवरी 2019 को दर्जकराया गया था. सहारा सिटी मानगो की रहने वाली महिला ने बताया था कि उसकी बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया है, जिसमें श्रीकांत महतो, शिव कुामर महतो और इंद्रपाल सैनी को आरोपी बनाया गया था. यह आरोप लगाया गया था कि मामले के आरोपियों ने सामूहिक दुष्कर्म किया और वीडियो बनाकर वायरल भी किया. इस मामले में इन तीन आरोपियों को बाद में 25 साल की सजा सुनायी गयी जबकि बाद में इस कांड में 21 लोगों के नाम को जोड़ा गया था, जिसमें से 19 लोग कोर्ट में हाजिर हुए जबकि दो लोग आज भी फरार है.





