जमशेदपुर : सरायकेला खरसावां जिले के चांडिल के कांदरबेड़ा स्थित होटल टेंथ माइल्स में जमशेदपुर के कारोबारी निखार सबलोक की हत्या के बाद अब शहर में अपराध, गैंग और प्रभावशाली लोगों के कथित संरक्षण को लेकर सवाल उठने लगे हैं. मंगलवार को जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय निखार सबलोक के आवास पहुंचे. उन्होंने परिवार के लोगों से मुलाकात की और घटना पर दुख जताया. इसके बाद मीडिया से बातचीत में सरयू राय ने निखार के साथ अपने पुराने संबंधों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि एक समय निखार से उनके काफी करीबी संबंध थे. सरयू राय ने वर्ष 2016 की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय साकची इलाके में कुछ कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा था. उनके मुताबिक, उस काम में तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास के प्रतिनिधि पवन अग्रवाल ने अड़ंगा लगाया था. विधायक सरयू राय ने कहा कि निखार के पिता से भी उनके परिचय रहे हैं. उन्होंने बताया कि उस समय उन्होंने इस मामले को लेकर थाना जाने को कहा था. वे थाना गए थे. श्री राय के मुताबिक, उसी शाम उनका फोन आया कि उनके बेटे को हाजत में डाल दिया गया है. इसके बाद वह थाना पहुंचे. सरयू राय ने कहा कि जब लोगों को इस घटना की जानकारी मिली तो थाना परिसर में भीड़ जुट गई थी. स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि पुलिस और लोगों के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी और पुलिस की ओर से लाठीचार्ज तक की नौबत आई थी. सरयू राय ने कहा कि शहर में बढ़ते अपराध के पीछे राजनीतिक प्रभाव वाले लोगों के आसपास काम करने वाले कुछ लोगों की भूमिका भी रही है. उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले भी इस मुद्दे को मीडिया के सामने उठाया था. सरयू राय के मुताबिक, उन्होंने कहा था कि शहर के नए लड़कों को कुछ लोग अपराध की दुनिया में धकेलकर कुख्यात बना रहे हैं. (नीचे भी पढ़े)
उन्होंने बताया कि इस बयान के बाद कांग्रेस समेत कई लोगों ने उनके खिलाफ जुलूस निकाला था. उनका पुतला भी फूंका गया था. सरयू राय ने कहा कि इसके बावजूद आज भी वह अपनी बात पर कायम हैं. उन्होंने कहा कि जिस तरह की परिस्थितियां बन रही हैं, उसमें गैंग और अपराध से जुड़े लोगों के नेटवर्क को समझना जरूरी है. सरयू राय ने कहा कि निखार से उनकी पिछले करीब डेढ़ साल से मुलाकात नहीं हुई थी. हालांकि, फोन पर बातचीत होती थी. उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान निखार ने उनके लिए काफी काम किया था. इसी वजह से निखार के साथ उनके पुराने संबंध रहे हैं. सरयू राय ने कहा कि जब कोई ऐसा लड़का गलत लोगों के चंगुल में फंस जाता है तो तकलीफ होती है. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर युवा लड़के इस तरह के अपराध और गैंग के बीच कैसे पहुंच जाते हैं. उनके अनुसार, सिर्फ यह कह देना पर्याप्त नहीं है कि कोई अच्छा लड़का था और गलत लोगों के बीच फंस गया. यह पता लगाना जरूरी है कि उसे इस रास्ते पर लेकर कौन आया. सरयू राय ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन गैंगों के पीछे कौन लोग हैं. उन्होंने कहा कि गैंग का सरदार कौन है, यह जांच का हिस्सा होना चाहिए. राय ने शासन और प्रशासन के खुफिया तंत्र पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन को अपने खुफिया तंत्र से मिलने वाली सूचनाओं के आधार पर समय रहते कार्रवाई करनी चाहिए. अगर किसी गैंग के बारे में पहले से जानकारी मिल रही है तो उस पर कार्रवाई जरूरी है. उन्होंने कहा कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं होती है तो इसका खामियाजा शहर को भुगतना पड़ता है. सरयू राय ने कहा कि निखार की हत्या की घटना शासन-प्रशासन के लिए भी एक सबक है. यह घटना शहर के युवाओं के लिए भी एक संदेश है. उन्होंने युवाओं से अपराधियों और गैंग के साथ जुड़ने से बचने की अपील की. राय ने कहा कि युवाओं को अपने रोजगार और कारोबार पर ध्यान देना चाहिए. किसी गैंग या अपराधी के साथ जुड़कर अपनी पहचान बनाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि किसी गैंग के साथ जुड़कर समाज में रुतबा बनाने की कोशिश आखिरकार नुकसान ही पहुंचाती है. सरयू राय ने शासन और प्रशासन से निखार की हत्या में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि पुलिस को आरोपियों की तलाश में छापेमारी करनी चाहिए. यह पता लगाया जाना चाहिए कि आरोपी कहां छिपे हैं. इसके साथ ही यह भी जांच होनी चाहिए कि उन्हें किसी का संरक्षण तो नहीं मिल रहा. उन्होंने कहा कि सिर्फ घटना को अंजाम देने वाले लोगों तक जांच सीमित नहीं रहनी चाहिए. हत्या के पीछे मौजूद पूरे नेटवर्क की भी जांच होनी चाहिए. सरयू राय ने बातचीत के दौरान पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि जब लोग उनसे दूर होते हैं तो सीधे कदमा पहुंच जाते हैं और फिर बन्ना गुप्ता से मिलते हैं. सरयू राय ने सिदगोड़ा में जमीन कब्जे से जुड़े एक मामले का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वहां एक जमीन पर कब्जा कर बाउंड्री किए जाने की बात सामने आई थी. विधायक सरयू राय ने कहा कि इस मामले में बन्ना गुप्ता की ओर से पैरवी किए जाने की बात भी सामने आई थी. हालांकि, इस संबंध में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. सरयू राय ने कहा कि ऐसे मामलों में उन लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आनी चाहिए जो राजनीतिक या प्रशासनिक रूप से प्रभावशाली हैं. सरयू राय ने कहा कि जब तक राजनीति और प्रशासन में प्रभाव रखने वाले लोगों की संदिग्ध गतिविधियों पर रोक नहीं लगेगी, तब तक अपराधी गिरोहों को ताकत मिलती रहेगी. उन्होंने कहा कि गैंग अपने दम पर इतनी ताकतवर स्थिति में नहीं पहुंचते. कहीं न कहीं उन्हें राजनीतिक, प्रशासनिक या सामाजिक स्तर पर समर्थन और संरक्षण मिलने की संभावना की भी जांच होनी चाहिए. राय ने कहा कि किसी लड़के के बारे में यह कहना कि वह अच्छा था और गैंग में फंस गया, समस्या का समाधान नहीं है. यह भी पता लगाना होगा कि उसे गैंग तक पहुंचाने वाला कौन था और उसके पीछे कौन लोग खड़े थे. सरयू राय ने कहा कि उन्होंने शासन और प्रशासन को इन मुद्दों की जानकारी दी है. लेकिन उनकी चिंता यह है कि पुलिस प्रशासन में भी प्रभावशाली लोगों की बड़ी पहुंच और संबंध बने रहते हैं. उनके अनुसार, इसी वजह से कई बार कार्रवाई प्रभावित होने की स्थिति बनती है. राय ने कहा कि अगर अपराधियों और प्रभावशाली लोगों के बीच संबंध हैं तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए बराबर होना चाहिए.




