जमशेदपुर : जलियांवाला बाग नरसंहार में शहीद हुए निर्दोष भारतीयों के बलिदान का प्रतिशोध लेकर ब्रिटिश हुकूमत को भारतीय स्वाभिमान और संकल्प की शक्ति का एहसास कराने वाले महान क्रांतिकारी अमर शहीद ऊधम सिंह के बलिदान दिवस पर सामाजिक एवं राष्ट्रवादी संस्था नमन परिवार की ओर से श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. इस अवसर पर नमन परिवार की मातृशक्ति, युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं शहर के वरिष्ठ गणमान्य नागरिकों ने शहीद ऊधम सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके राष्ट्रप्रेम, त्याग, साहस और स्वाभिमान के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया. नमन परिवार के संस्थापक अमरप्रीत सिंह काले ने कहा कि शहीद ऊधम सिंह जैसे वीर बलिदानी हमारे माथे का ताज हैं. उनका बलिदान केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं, बल्कि भारत के स्वाभिमान, शौर्य और न्याय के लिए संघर्ष की अमर गाथा है. (नीचे भी पढ़ें)

उन्होंने कहा कि जलियांवाला बाग की त्रासदी को ऊधम सिंह ने वर्षों तक अपने हृदय में संजोए रखा और अदम्य धैर्य एवं दृढ़ संकल्प के साथ दुनिया को यह संदेश दिया कि भारत अपने निर्दोष नागरिकों पर हुए अत्याचार को कभी विस्मृत नहीं करता. श्री काले ने कहा कि राष्ट्र के वीर सपूतों के संघर्ष और त्याग को स्मरण करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है. आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी शहीद ऊधम सिंह के जीवन से राष्ट्रप्रेम, आत्मसम्मान, साहस और दृढ़ संकल्प की प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए. सीजीपीसी प्रधान भगवान सिंह ने कहा कि शहीद ऊधम सिंह ने अन्याय के विरुद्ध जिस अदम्य साहस और दृढ़ता का परिचय दिया, वह भारतीय स्वाभिमान की सर्वोच्च अभिव्यक्ति है. उन्होंने अपने संकल्प से पूरी दुनिया को भारतीय स्वाभिमान की ताकत दिखाई. उनका जीवन हमें सत्य, न्याय और राष्ट्रहित के लिए सदैव संघर्षरत रहने की प्रेरणा देता है. (नीचे भी पढ़ें)

वरिष्ठ पत्रकार बृजभूषण सिंह ने कहा कि शहीद ऊधम सिंह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के उन महानायकों में थे, जिन्होंने जलियांवाला बाग के निर्दोष शहीदों को न्याय दिलाने के संकल्प को अपने जीवन का ध्येय बना लिया. उनका अदम्य साहस, धैर्य और राष्ट्रप्रेम आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा. अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के संस्थापक वरुण कुमार ने कहा कि देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर शहीदों का स्मरण समाज में राष्ट्रीय चेतना को सशक्त करता है. शहीद ऊधम सिंह का जीवन विशेष रूप से युवा पीढ़ी को देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा, आत्मसम्मान और राष्ट्र के प्रति समर्पण का अमूल्य संदेश देता है. श्रद्धांजलि सभा में हर हर महादेव सेवा संघ के अध्यक्ष सुखविंदर सिंह निक्कू, साहित्यकार बलविंदर सिंह तथा रामलीला उत्सव समिति के रामकेवल मिश्रा सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे. (नीचे भी पढ़ें)
वक्ताओं ने कहा कि शहीद ऊधम सिंह का संपूर्ण जीवन साहस, त्याग, राष्ट्रभक्ति और न्याय के लिए अडिग संघर्ष का अनुपम उदाहरण है. उनका बलिदान भारत की आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्र के सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए प्रेरित करता रहेगा. कार्यक्रम के अंत में जसवंत सिंह भोमा ने धन्यवाद ज्ञापन किया. श्रद्धांजलि सभा में पत्रकार बृजभूषण सिंह, जितेंद्र चावला, राघवेंद्र शर्मा, अवतार सिंह सोखी, सरदार सुरेंद्र सिंह, सरदार संधू सिंह, सरदार महेंद्र सिंह, ए. विश्वनाथ राव, अवधेश कुमार, बीबी सिंह, कैलाश झा, ज्ञान प्रकाश, सरजू राम, लता सिन्हा, लख्खी कौर, ममता पुष्टि, ममता साहा, रितिका श्रीवास्तव, स्नेहलता सिन्हा, नमिता उपाध्याय, सुनीता देवी, सीता देवी, शुक्ला हलदर, मोना गुप्ता, उर्मिला देवी, संजू बनर्जी एवं पूर्वी रानी दत्ता सहित बड़ी संख्या में नमन परिवार के सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे.




