जमशेदपुर : सीएसआइआर एनएमएल के निदेशक डॉ संदीप घोष चौधुरी ने ‘रेडिएंट झारखंड 2.0‘ मेगा प्रदर्शनी में सीएसआइआर–एनएमएल की भागीदारी के संबंध में कहा है कि रेडिएंट झारखंड 2.0 में सीएसआइआर–एनएमएल की उपस्थिति वैज्ञानिक अनुसंधान को उपयोगी और लागू करने योग्य प्रौद्योगिकियों में रूपांतरित करने की हमारी सतत प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो क्षेत्रीय विकास को समर्थन देने, औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने तथा आत्मनिर्भर भारत जैसे राष्ट्रीय मिशनों में योगदान करती हैं.” (नीचे भी पढ़ें)

उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी के दौरान, सीएसआइआर–एनएमएल ने धातुकर्म, खनिज प्रसंस्करण, उन्नत सामग्री विकास एवं सतत प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों में अपनी तकनीकी क्षमताओं, चल रहे अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) परियोजनाओं तथा नवाचार-आधारित पहलों का प्रदर्शन किया. प्रयोगशाला के प्रदर्शनी स्टॉल को उद्योग प्रतिनिधियों, नीति-निर्माताओं एवं आगंतुकों से विशेष रुचि प्राप्त हुई, जिनमें से कई ने भविष्य में सहयोग की संभावनाओं का भी अन्वेषण किया. (नीचे भी पढ़ें)

सीएसआइआर–एनएमएल प्रदर्शनी समिति के अध्यक्ष एवं मुख्य वैज्ञानिक डॉ के गोपाल कृष्णा ने अपनी टीम के साथ मिलकर हितधारकों के साथ सक्रिय संवाद किया और क्षेत्रीय तथा राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप सीएसआइआर–एनएमएल के उद्योग-संबंधी समाधान एवं अनुसंधान परिणामों को प्रस्तुत किया. उन्होंने बताया कि यह एक्सपो उद्योग–अकादमिक साझेदारियों को सुदृढ़ करने तथा झारखंड के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र में सीएसआइआर–एनएमएल की भूमिका को और मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच सिद्ध हुआ.




